UP Board Practical Exam 2026: यूपी बोर्ड के इंटरमीडिएट छात्रों की प्रैक्टिकल परीक्षाएं आज समाप्त हो रही हैं। करीब दो सप्ताह से ज्यादा समय तक चली इस परीक्षा के दौरान बोर्ड ने अब तक एक दर्जन से अधिक स्कूलों और परीक्षकों को नोटिस जारी किए हैं। इस दौरान कई केंद्रों पर छात्रों द्वारा हंगामे और अभद्रता की खबरें भी आ रही हैं। साथ ही, एक केंद्र पर प्रैक्टिकल परीक्षा के दौरान परीक्षक द्वारा प्रयोगात्मक परीक्षा फेसबुक पर पोस्ट करने का भी मामला सामने आया है। इन घटनाओं ने यूपी बोर्ड परीक्षा में शुचिता और गोपनीयता बनाए रखने के बोर्ड के प्रयासों पर सवाल खड़ा कर दिया है।
बोर्ड ने ऐसे सभी मामलों में सख्त रुख अपनाते हुए सेंटरों को नोटिस जारी कर रिपोर्ट तलब की है। प्रयागराज, गोरखपुर और गोंड में अलग-अलग परीक्षा केंद्रों पर मारपीट की घटना के बारे में पता चला है। वहीं, बांदा जिले के राजकुमार इंटर कॉलेज नरैनी और राजकीय गर्ल्स कॉलेज करताल में इंटर भौतिक विज्ञान की प्रयोगात्मक परीक्षा में परीक्षक सुरेन्द्र कुमार पटेल ने छात्र-छात्राओं की तस्वीरें खींचकर फेसबुक पर पोस्ट कर दिया। यह मामला सामने आते ही यूपी बोर्ड हरकत में आया। इसी आधार पर संबंधित परीक्षक को नोटिस जारी कर सोशल मीडिया पर तस्वीरें अपलोड करने को लेकर जवाब मांगा गया है।
आंबेडकर नगर के मामले में यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने अयोध्या मंडल के संयुक्त शिक्षा निदेशक से पूरे प्रकरण की जांच कर रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए हैं। यहां के बीएन इंटर कॉलेज में प्रयोगात्मक परीक्षा के दौरान छात्रों से अवैध धन वसूली का मामला सामने आया है और एक अन्य मामले में हाईस्कूल और इंटर के छात्र-छात्राओं से प्रवेश पत्र जारी करने के बदले भी पैसे लेने से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए हैं।
बोर्ड सूत्रों के मुताबिक, 24 जनवरी से शुरू हुई यूपी बोर्ड की इंटरमीडिएट प्रायोगिक परीक्षा आज समाप्त हो रही है। करीब दो सप्ताह से ज्यादा समय तक चली इस परीक्षा के दौरान बोर्ड ने अब तक एक दर्जन से अधिक स्कूलों और परीक्षकों को नोटिस जारी किए हैं।
बोर्ड ने प्रयागराज में शिक्षक से मारपीट और उसका सिर फटने की घटना को गंभीर मानते हुए यूपी बोर्ड ने जिला विद्यालय निरीक्षक से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है, ताकि जिम्मेदारी तय की जा सके। यूपी बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा की शुचिता से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। बोर्ड ने कुछ वेबसाइटों और सोशल मीडिया अकाउंट्स पर भी निगरानी के आदेश दिए हैं, जो बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट और सोशल मीडिया हैंडल से मिलते-जुलते नामों का इस्तेमाल कर भ्रामक सूचनाएं फैला रहेहैं। ऐसे मामलों में भी नोटिस जारी किए जा रहे हैं।