Tamil Nadu Assembly Elections 2026: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने कहा है कि केंद्र के बढ़ते दखल के खिलाफ राज्य के अधिकारों की रक्षा करने का एकमात्र रास्ता DMK की जीत ही है। CNN News18 को दिए एक इंटरव्यू में स्टालिन ने आने वाले विधानसभा चुनावों को क्षेत्रीय संप्रभुता के लिए एक बुनियादी लड़ाई के तौर पर पेश किया। उन्होंने कहा कि AIADMK के नेतृत्व वाले विपक्ष ने तमिलनाडु के हितों के साथ बुनियादी तौर पर समझौता किया है।
उन्होंने DMK को राज्य की जनता के लिए मुख्य कवच के तौर पर पेश किया। साथ ही दावा किया कि केंद्र सरकार की नीतियों को चुनौती देना बेहद जरूरी है। स्टालिन ने AIADMK को भारतीय जनता पार्टी (BJP) की गुलाम बताया।
सीएम ने कहा, "DMK के सत्ता में आने पर ही हम राज्य के अधिकारों और अपने लोगों के लिए लड़ सकते हैं। AIADMK, BJP की गुलाम है। इसलिए वे ज्यादा कुछ नहीं करेंगे। इसीलिए लोगों को DMK को वोट देना चाहिए।"
उन्होंने आगे कहा, "आज, केंद्र सरकार ने हमारे राज्य को फंड नहीं दिया है और न ही GST का बकाया दिया है। यह हमारी द्रविड़ शासन शैली ही है जिसने तमिलनाडु को दूसरे राज्यों से बेहतर बनाया है। AIADMK ने BJP के सामने घुटने टेक दिए हैं, इसलिए इस बार लड़ाई NDA और तमिलनाडु के बीच है।"
कानून-व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा पर क्या बोले?
एम.के. स्टालिन ने कहा, "मैंने यह बात बार-बार कही है। हमने इस पर विस्तार से जवाब दिए हैं। DMK का घोषणापत्र और वादे आम लोगों तक पहुंच चुके हैं। इसलिए, लोगों का ध्यान भटकाने के लिए AIADMK कानून-व्यवस्था की बात कर रही है। दूसरे राज्यों के मुकाबले कानून-व्यवस्था के मामले में हम बेहतर काम कर रहे हैं। स्थिति ठीक है। यही सच है।"
DMK के घोषणापत्र में 8,000 रुपये वाली योजना पर कहा, "सिर्फ वह नहीं। इस बार बहुत सारी घोषणाएं की गई हैं। हम छात्रों और महिलाओं के लिए भत्ते बढ़ा रहे हैं। हमने ऐसी कई घोषणाएं की हैं जिनकी लोगों को जरूरत थी। हमने अपने वादों से भी बढ़कर काम किया है।"
'भाषा चुनावी मुद्दा नहीं'
हिंदी को लेकर मचे बवाल पर सीएम ने कहा, "यह कोई चुनावी मुद्दा नहीं है। हमने हमेशा हिंदी थोपे जाने के खिलाफ लड़ाई लड़ी है। हम इस बात पर पूरी तरह स्पष्ट हैं कि हम 'दो-भाषा फ़ॉर्मूला' लागू नहीं करेंगे। हम इसकी इजाजत कभी नहीं देंगे।"
स्टालिन ने आगे कहा, "DMK लगातार दूसरी बार सत्ता में आएगी। कई लोगों ने कहा था कि स्टालिन कभी सत्ता में नहीं आ सकते, कि मैं कभी मुख्यमंत्री नहीं बन सकता। अब कई लोग कह रहे हैं कि तमिलनाडु की राजनीति के इतिहास में, DMK लगातार दूसरी बार सत्ता में नहीं आ सकती—ऐसा पहले कभी नहीं हुआ है। लेकिन इस बार, हम जीतेंगे। हम फिर से सत्ता में वापस आएंगे। अब से हम चुनाव जीतते रहेंगे।"