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Assam Election 2026: 'कांग्रेस ने पाकिस्तानी सोशल मीडिया ग्रुप का इस्तेमाल कर मेरी पत्नी पर आरोप लगाए'; असम सीएम हिमंता का बड़ा दावा

Assam Elections 2026: कांग्रेस के आरोपों पर असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि मेरी पत्नी ने FIR दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया कि हमारी रिसर्च के दौरान हमने पाया कि कल हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस का पूरा मटीरियल एक पाकिस्तानी सोशल मीडिया ग्रुप ने दिया था

Akhilesh Nath Tripathiअपडेटेड Apr 06, 2026 पर 12:25 PM
Assam Election 2026: 'कांग्रेस ने पाकिस्तानी सोशल मीडिया ग्रुप का इस्तेमाल कर मेरी पत्नी पर आरोप लगाए'; असम सीएम हिमंता का बड़ा दावा
Assam Elections 2026: असम के CM हिमंता ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान राज्य विधानसभा चुनावों को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा है

Assam Elections 2026: असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने सोमवार (6 अप्रैल) को दावा किया कि कांग्रेस ने एक पाकिस्तानी सोशल मीडिया ग्रुप की झूठी जानकारी के आधार पर उनकी पत्नी के कई पासपोर्ट होने और दुबई में संपत्तियां होने का आरोप गढ़ा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पाकिस्तान असम चुनाव के नतीजों को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा है। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा और गौरव गोगोई ने शर्मा की पत्नी की या उनके परिवार की दुबई में संपत्ति होने, अमेरिकी कंपनियों या मुखौटा कंपनियों में संपत्ति होने का आरोप लगाया था।

इसके एक दिन बाद सरमा ने कहा कि ये आरोप चुनाव परिणामों को प्रभावित करने के लिए लगाए गए हैं, जो कानून के तहत दंडनीय है। BJP नेता ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस ने उनकी पत्नी के खिलाफ जो दस्तावेज इस्तेमाल किए, 'वे पाकिस्तानीज इन अजमान' नाम के एक सोशल मीडिया ग्रुप से लिए गए थे। साथ ही उनकी तस्वीर को किसी पाकिस्तानी व्यक्ति के खोए हुए पासपोर्ट पर छेड़छाड़ कर लगाया गया था।

उन्होंने कहा, "मुझे चिंता है कि उन्होंने पाकिस्तान की मदद ली। यह कोई साधारण धोखाधड़ी का मामला नहीं, बल्कि राष्ट्र के खिलाफ अपराध है।" सीएम ने दावा किया कि पाकिस्तान असम चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा है। वहां टेलीविजन पर कम से कम 11 'टॉक शो' का सामान्य मत यह था कि कांग्रेस पार्टी को जीतना चाहिए।

हिमंता बिस्वा सरमा, "कल पवन खेड़ा और गौरव गोगोई ने दो प्रेस कॉन्फ्रेंस कीं.. एक दिल्ली में और एक गुवाहाटी में की...आम तौर पर जब आप किसी खास मुद्दे को फर्जी डॉक्यूमेंट्स के साथ जनता के सामने उठाते हैं, तो उस पर IPC की धारा 420 और 468 लगती है। बेशक, नए BNS में एक कॉरेस्पोंडेंस प्रोविजन है। जब आप किसी चुनाव के नतीजे या आउटकम को प्रभावित करने के लिए इन आरोपों का इस्तेमाल फर्जी डॉक्यूमेंट्स के साथ करते हैं, तो उस पर ज्यादा सजा का प्रोविज़न लगता है। उसकी सजा उम्रकैद है।"

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