असम में मुस्लिमों की बंपर वोटिंग ने कैसे पलटा पूरा खेल? हिमंत के दावे भी जान लीजिए

अगर सीट के हिसाब से देखें, तो जालेसवर (94.31%), मनकाचर (94.08%) और गोलकगंज (93.42%) जैसे मुस्लिम बहुल इलाकों में सबसे ज्यादा वोटिंग हुई। पुरुष वोटर ज्यादा वाले इलाकों में भी अच्छी वोटिंग देखने को मिली। जैसे परबतझोरा में 90.49%, श्रीजंग्राम में 94.33% और दलगांव में 94.57% मतदान हुआ

अपडेटेड Apr 09, 2026 पर 8:53 PM
Story continues below Advertisement
Assam Chunav Voting: असम में मुस्लिमों की बंपर वोटिंग ने कैसे पलटा पूरा खेल?

असम में हालिया वोटिंग में ज्यादा मतदान होने की बड़ी वजह पुरुष वोटरों की ज्यादा भागीदारी और मुस्लिम आबादी वाले इलाकों में भारी मतदान रहा। राज्य में कुल वोटिंग 84.42% रही, जो अब तक का रिकॉर्ड है। इसमें पुरुषों की भागीदारी 88.6% रही, जबकि महिलाओं की 80.4%- यानी पुरुषों ने ज्यादा वोट डाले।

जिन सीटों पर मुस्लिम आबादी ज्यादा है, वहां सबसे ज्यादा वोटिंग हुई- करीब 90.1%, जो राज्य के औसत से काफी ज्यादा है। SC (अनुसूचित जाति) सीटों पर 84.9% मतदान हुआ, जबकि ST (अनुसूचित जनजाति) सीटों पर यह थोड़ा कम, 81.1% रहा।

अगर सीट के हिसाब से देखें, तो जालेसवर (94.31%), मनकाचर (94.08%) और गोलकगंज (93.42%) जैसे मुस्लिम बहुल इलाकों में सबसे ज्यादा वोटिंग हुई।


पुरुष वोटर ज्यादा वाले इलाकों में भी अच्छी वोटिंग देखने को मिली। जैसे परबतझोरा में 90.49%, श्रीजंग्राम में 94.33% और दलगांव में 94.57% मतदान हुआ।

शहरी इलाकों में भी वोटिंग कम

वहीं, शहरों और जहां महिला वोटरों की संख्या ज्यादा है, वहां वोटिंग थोड़ी कम रही। गुवाहाटी सेंट्रल में 75.23%, दिसपुर में 73.98% और न्यू गुवाहाटी में 71.27% मतदान हुआ।

कुल मिलाकर वोटरों में पुरुष और महिला लगभग बराबर हैं- महिलाएं 49.98% हैं।

डेटा यह भी दिखाता है कि SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिविजन) प्रक्रिया से जुड़े इलाकों में वोटिंग 82.7% रही, जो औसत से थोड़ी कम है। लेकिन SIR के जरिए जुड़े नए वोटरों ने ज्यादा उत्साह दिखाया और 86.2% मतदान किया।

कुल मिलाकर, असम में ज्यादा मतदान की मुख्य वजह पुरुषों की ज्यादा भागीदारी और मुस्लिम बहुल इलाकों में भारी वोटिंग रही, जबकि शहरी इलाकों और महिलाओं की भागीदारी राज्य के औसत से थोड़ी कम रही।

हिमंत सरमा का दावा

हिमंत बिस्वा सरमा ने गुरुवार को कहा कि असम विधानसभा चुनाव में हुआ भारी मतदान “सामान्य नहीं बल्कि ऐतिहासिक” है। उन्होंने कहा कि इस चुनाव का असर लोगों के चेहरों पर दिख रहा है- उम्मीद, गर्व और खुशी के रूप में।

सीएम ने कहा कि यह सिर्फ चुनाव नहीं था, बल्कि एक आंदोलन की तरह लड़ा गया। उनका कहना था कि यह आंदोलन राज्य की संस्कृति, परंपरा और जमीन की रक्षा के लिए था।

उन्होंने दावा किया कि इस बार लोग रिकॉर्ड संख्या में वोट देने निकले और कई बूथों पर 95% से ज्यादा मतदान हुआ। उनके मुताबिक, “यह आम बात नहीं, बल्कि इतिहास है।”

सर्मा ने यह भी कहा कि असम के लोगों ने भाषा और जाति से ऊपर उठकर वोट दिया और एकजुट होकर अपनी पहचान, जमीन और संस्कृति की रक्षा का संदेश दिया।

उन्होंने इसे असम के इतिहास का एक बड़ा मोड़ (टर्निंग पॉइंट) बताया।

अंत में उन्होंने कहा कि इस चुनाव से साफ संदेश है- असम झुकेगा नहीं, लड़ेगा और मजबूती से आगे बढ़ेगा।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।