Kunki Chowdhury: असम चुनाव में इन दिनों एक चेहरा काफी चर्चा में है। यह चेहरा है कुंकी चौधरी का...। 27 साल की कुंकी चौधरी Gen Z उम्मीदवार हैं। वह कांग्रेस की सहयोगी पार्टी असम जातीय परिषद (AJP) के टिकट पर गुवाहाटी सेंट्रल सीट से असम विधानसभा चुनाव लड़ रही हैं। यह कुंकी का पहला चुनाव है। राजनीति में उनकी इस पहली पारी ने ही उन्हें सुर्खियों में ला दिया है। कुंकी चौधरी किसी बड़ी पार्टी से जुड़ी नहीं है। फिर भी वह लगातार असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा पर निशाना साध रही हैं।
सोशल मीडिया पर लोग लगातार सवाल पूछ रहे हैं कि आखिर कौन हैं कुंकी चौधरी, जो सीधे मुख्यमंत्री को चुनौती दे रही हैं? असम की चुनावी जंग में 'हॉटसीट' बनी सेंट्रल गुवाहाटी पर दो अलग-अलग पीढ़ियों के बीच एक जोरदार मुकाबला देखने को मिल रहा है। BJP के दिग्गज नेता 70 वर्षीय विजय कुमार गुप्ता का मुकाबला असम जातीय परिषद की कुंकी चौधरी से है। 9 अप्रैल को हुए मतदान में भारी तनाव देखने को मिला।
27 साल की कुंकी चौधरी ने यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन से पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। वह असम में सबसे कम उम्र की उम्मीदवार हैं। कुंकी ने यहीं से अपनी स्कूली पढ़ाई पूरी करने के बाद मुंबई के नरसी मोंजी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज में दाखिला लिया। फिर आगे की पढ़ाई के लिए वह लंदन चली गईं। वहां उन्होंने लंदन के यूनिवर्सिटी कॉलेज के 'इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन एंड सोसाइटी' से 'एजुकेशनल लीडरशिप' में अपनी मास्टर्स की डिग्री पूरी की।
सीएम हिमंता ने कुंकी और उनके परिवार को लेकर काफी बयानबाजी की। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके माता-पिता कथित तौर पर 'बीफ' खाते हैं। कुंकी चौधरी ने NDTV से बातचीत में करते हुए कहा, "मैं पिछले छह सालों से अपने परिवार के नॉन-प्रॉफिट संगठन (NGO) से जुड़ी हुई थी। मैंने अपनी स्कूली पढ़ाई यहीं गुवाहाटी में की। उसके बाद मैं मुंबई में नरसी मोंजी गई और फिर लंदन...। इससे पहले मैं कभी राजनीति से नहीं जुड़ी थी। मेरी मां का परिवार पश्चिम बंगाल के कलिम्पोंग में राजनीति से जुड़ा रहा है। मेरे दादाजी उस समय वहां विधायक (MLA) थे।"
उन्होंने आगे कहा, "मैं यह मानती हूं कि विजय गुप्ता एक अनुभवी राजनेता हैं। वह एक बड़ी राजनीतिक पार्टी से आते हैं। लेकिन अभी यह फैसला सिर्फ असम की जनता ही कर सकती है कि सत्ता में कौन आएगा।" जब उनसे पूछा गया कि अगर वह सत्ता में आती हैं तो उनके मुख्य एजेंडे क्या होंगे?
इस पर कुंकी ने कहा, "मेरा मुख्य एजेंडा बाढ़ और जल-निकासी की उन समस्याओं को हल करना है जिनके कारण यहां बाढ़ आ जाती है। मैं कौशल विकास और युवाओं की शिक्षा पर भी ध्यान केंद्रित करना चाहती हूं। इस शहर को कचरा-निपटान की एक बेहतर व्यवस्था और हाई-टेक पार्किंग सुविधा की भी जरूरत है। मेरे मुख्य एजेंडों में से एक महिलाओं की सुरक्षा भी होगी।"
कुंकी चौधरी को पुलिस ने समन भेजा है। चुनाव संबंधी मामले में समन मिलने के बाद चौधरी रविवार 12 अप्रैल को सुबह पानबाजार पुलिस थाना पहुंचीं। उन्हें शनिवार को नोटिस देकर रविवार सुबह 11 बजे से पहले पुलिस के समक्ष पेश होने के लिए कहा गया था। ऐसा नहीं करने पर उनकी गिरफ्तारी की बात कही गई थी। कुंकी चौधरी करीब दो घंटे की पूछताछ के बाद पुलिस थाना से बाहर आईं। वहां इंतजार कर रहे पत्रकारों को बताया कि उन्होंने जांच अधिकारी के सामने अपना बयान दर्ज कराया है।
BJP कार्यकर्ता नबा कुमार लखकर ने 9 अप्रैल को मतदान के दिन चौधरी और उनके चुनाव प्रचार अभियान प्रबंधक संदीप यादव के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। कुमार ने आरोप लगाया गया था कि दोनों ने आदर्श आचार संहिता (MCC) का उल्लंघन किया। साथ ही स्वतंत्र तथा निष्पक्ष चुनावों के संचालन में बाधा डाली। AJP ने असम पुलिस द्वारा उसके उम्मीदवार का कथित उत्पीड़न किए जाने की निंदा की। पार्टी ने असम के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के समक्ष औपचारिक शिकायत दर्ज कराई।
चुनावी मैदान में उतरते ही विवादों में फंसीं
AJP से पहली बार चुनाव लड़ रही चौधरी उस समय विवाद में आ गईं, जब मुख्यमंत्री सरमा ने कथित तौर पर 'बीफ' के सेवन को लेकर उनके माता-पिता के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की धमकी दी। हालांकि, चौधरी ने इन हमलों को निराधार बताते हुए खारिज कर दिया। कुंकी चौधरी ने चार अप्रैल को मुख्यमंत्री द्वारा उनकी मां की खान-पान की आदतों के बारे में किए गए दावों के बाद, सोशल मीडिया पर परिवार के बारे में कथित तौर पर 'डीप-फेक' टेक्नोलॉजी से तैयार वीडियो को लेकर पुलिस में शिकायत दर्जा कराई।
AJP के अध्यक्ष लुरिंज्योति गोगोई ने कहा कि चौधरी को तलब करना चौंकाने वाला और दुर्भाग्यपूर्ण है। गोगोई ने आरोप लगाया कि जब सत्तारूढ़ दल को सत्ता खोने का डर होता है। जब उसे यकीन हो जाता है कि जनता का वोट उसके खिलाफ गया है, तो BJP जैसी फासीवादी पार्टियां सत्ता को अपने कब्जे में रखने के लिए कुटिल रास्तों का सहारा लेती हैं।
गोगोई ने आरोप लगाया कि गुवाहाटी सेंट्रल निर्वाचन क्षेत्र में AJP उम्मीदवार के उभरने और जीत से भयभीत BJP ने अब धमकी की राजनीति का सहारा लिया है। AJP ने बाद में एक बयान जारी कर बताया कि पार्टी ने इन घटनाओं के बारे में असम के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को सूचित कर दिया है। उन पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है जो कथित तौर पर राजनीतिक प्रभाव में काम कर रहे हैं।