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बिहार में इन कर्मचारियों की बढ़ी सैलरी, खुलेंगे 7 नए मेडिकल कॉलेज...कैबिनेट में 49 प्रस्ताव लगी मुहर

Bihar News : कैबिनेट बैठक के बाद सचिव अरविंद चौधरी ने बताया कि सरकार ने होम गर्ड्स , पंचायत स्तर पर काम करने वाले तकनीकी सहायकों, आईटी सहायकों और ग्राम कचहरी सचिवों के भत्ते और मानदेय में बढ़ोतरी की है

MoneyControl Newsअपडेटेड Sep 02, 2025 पर 3:01 PM
बिहार में इन कर्मचारियों की बढ़ी सैलरी, खुलेंगे 7 नए मेडिकल कॉलेज...कैबिनेट में 49 प्रस्ताव लगी मुहर
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में सितंबर की पहली कैबिनेट मीटिंग हुई।

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में सितंबर की पहली कैबिनेट मीटिंग हुई। इस बैठक में कुल 49 अहम प्रस्तावों पर मुहर लगीसरकार ने इस बार खासतौर पर युवाओं और शिक्षा क्षेत्र पर ध्यान केंद्रित किया हैसाथ ही, ग्राम स्तर पर काम करने वालों और सुरक्षा से जुड़े कर्मियों के मानदेय में भी बढ़ोतरी की गई है

कैबिनेट मीटिंग में शिक्षा पर बड़ा फैसला 

कैबिनेट मीटिंग में सबसे बड़ा फैसला शिक्षा से जुड़ा रहा। मुख्यमंत्री ने पहले ही युवाओं से सरकारी नौकरी देने का वादा किया था, उसी दिशा में कैबिनेट ने अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण विभाग के अधीन हाल ही में स्वीकृत 40 नए आवासीय विद्यालयों में पढ़ाई शुरू करने का रास्ता साफ कर दिया है। इन विद्यालयों में कक्षा 10+2 तक की पढ़ाई होगी। इसके लिए सरकार ने लगभग 1800 नए पदों के सृजन की मंजूरी दी है। इन पदों में शिक्षक से लेकर अन्य गैर-शैक्षणिक स्टाफ शामिल रहेंगे। इससे न केवल बच्चों को बेहतर शिक्षा मिलेगी, बल्कि बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार भी मिलेगा।

सात जिलों में खुलेंगे नए मेडिकल कॉलेज 

इसी क्रम में कला, संस्कृति और युवा विभाग को भी मजबूती दी गई है। इस विभाग में 25 नए पद सृजित किए जाएंगे। इसका उद्देश्य राज्य की कला और संस्कृति को बढ़ावा देना और युवाओं के लिए नई संभावनाएँ तैयार करना है।बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी बड़ा फैसला लिया गया। सरकार ने सात जिलों में नए मेडिकल कॉलेज खोलने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इन जिलों में शामिल हैं - किशनगंज, कटिहार, रोहतास, शिवहर, लखीसराय, अरवल और शेखपुरा। इससे राज्य के विभिन्न हिस्सों में चिकित्सा सुविधाओं में काफी सुधार होगा और लोगों को इलाज के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। साथ ही, इन कॉलेजों के खुलने से डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की नई भर्तियां भी होंगी। यह कदम स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

यह फैसला सरकार की गांधी मैदान में की गई घोषणा को आगे बढ़ाते हुए लिया गया है, ताकि लोगों को अपने ही जिले में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और मेडिकल शिक्षा मिल सके।

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