‘पिता ने कहा था कि BJP के बजाय जहर खाना पसंद करेंगे’ बिहार चुनाव से पहले चिराग पासवान ने याद किया 2014 से पहले का समय

Bihar Election 2025: चिराग पासवान ने अपने पिता के बारे में कहा, "उन्होंने मुझसे कहा, 'मैं भाजपा के साथ जाने के बजाय खुद जहर खा लूंगा,' और इसके बाद मैं ज्यादा कुछ नहीं कह सका।" पिता केंद्र में कई बार मंत्री रहे, पहले मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली कांग्रेस नीत UPA में और फिर मोदी की BJP के नेतृत्व वाले NDA में

अपडेटेड Jul 08, 2025 पर 8:52 PM
Bihar Chunav 2025: बिहार चुनाव से पहले चिराग पासवान ने याद किया 2014 से पहले का समय

बिहार चुनाव अब ज्यादा दूर नहीं हैं, ऐसे में राज्य में नए गठबंधन उभरने की संभावना है। इस बीच, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने दावा किया है कि उनके पिता रामविलास पासवान 2014 के चुनावों से पहले BJP के साथ गठबंधन के सख्त खिलाफ थे। ये वही साल था, जब केंद्रीय राजनीति में नरेंद्र मोदी का बड़ा डेब्यू था। चिराग पासवान ने अपने पिता के बारे में कहा, "उन्होंने मुझसे कहा, 'मैं भाजपा के साथ जाने के बजाय खुद जहर खा लूंगा,' और इसके बाद मैं ज्यादा कुछ नहीं कह सका।" पिता केंद्र में कई बार मंत्री रहे, पहले मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली कांग्रेस नीत UPA में और फिर मोदी की BJP के नेतृत्व वाले NDA में।

उनके बेटे चिराग ने बताया, "कुल मिलाकर पासवान सीनियर ने छह प्रधानमंत्रियों के साथ काम किया।" उनका निधन 2020 में हुआ था। चिराग ने यह भी बताया कि कैसे "हम नवंबर 2013 से फरवरी 2014 के मध्य तक कोशिश करने के बावजूद तीन महीने तक भी राहुल गांधी से नहीं मिल सके", जो रामविलास पासवान के BJP में जाने से ठीक पहले की बात थी।

चिराग ने Jist को दिए इंटरव्यू में कहा, "हमने इस दौरान कई बार आदरणीय सोनिया गांधी जी से मुलाकात की, लेकिन वे कहते रहे कि राहुल जी (तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष) के साथ एक बैठक तय की जाएगी, लेकिन ऐसा कभी नहीं हुआ।"


उन्होंने कहा कि जब उनके पिता ने 'BJP से हाथ मिलाने के बजाए जहर खाने' की बात कही, तो उसके बाद उनमें इतना साहस नहीं था कि वे इस पर जोर दे सकें, फिर भी स्थिति ऐसी बन गई कि किसी तरह गठबंधन संभव हो गया।

उन्होंने याद किया कैसे उनके पिता 2002 के गुजरात दंगों के बाद NDA से अलग हो गए थे, जब नरेंद्र मोदी वहां के मुख्यमंत्री थे और फिर कई सालों बाद वापस उसी में लौट आए थे।

बिहार विधानसभा चुनावों पर नजर

इस बार, जब चिराग बिहार राज्य चुनावों में “X-फैक्टर” या “किंगमेकर” बनने की कोशिश कर रहे हैं, तो वे इस बात पर जोर दे रहे हैं कि 2021 में उनकी पार्टी में विभाजन को लेकर उन्हें बीजेपी से कोई गिला शिकवा नहीं है। बिहार में अक्टूबर-नवंबर में होने वाले हैं।

हालांकि, यह इंटरव्यू ऐसे समय में सामने आया है, जब चिराग ने घोषणा की है कि वह विधानसभा चुनाव लड़ेंगे। 42 साल के चिराग ने कहा, "मैं सभी 243 सीटों पर चुनाव लड़ूंगा। हर क्षेत्र में चिराग पासवान पूरी ताकत से लड़ेंगे।"

बहरहाल, उनकी यह महत्वाकांक्षी घोषणा तब सामने आई है, जब वे बीजेपी और सीएम नीतीश कुमार की JDU के जूनियर पार्टनर हैं। और इंटरव्यू में वे प्रभावी रूप से BJP/NDA के प्रति अपनी वफादारी की दृढ़ घोषणा कर रहे हैं।

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