बिहार में विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं, वैसे-वैसे राजनीतिक घमासान तेज होता जा रहा है। सोमवार को बीजेपी सांसद संजय जायसवाल ने जन सुराज पार्टी और उसके संस्थापक प्रशांत किशोर पर बड़ा हमला बोलते हुए कहा कि "जन सुराज से जुड़े 80% लोग अपराधी हैं।" जायसवाल ने कहा, “प्रशांत किशोर को जनता की कोई फिक्र नहीं है। एक व्यक्ति जिसने दलित समाज के लोगों की हत्या की थी, वह आज बेतिया में खुद को जन सुराज का उम्मीदवार बताकर बोर्ड लगा रहा है। ऐसे लोगों से भले पार्टी की उम्मीद नहीं की जा सकती।”
प्रशांत किशोर का तीखा पलटवार
प्रशांत किशोर ने इस आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा, "अगर जन सुराज में अपराधी हैं, तो बीजेपी और NDA की सरकार क्या कर रही है? बिहार में भी आपकी सरकार है और दिल्ली में भी। फिर क्यों ये अपराधी खुले घूम रहे हैं? क्या आप इनसे पैसा ले रहे हैं कि ये जन सुराज में बने रहें?"
उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "चेहरा छुपाने के लिए आप कह रहे हो कि सारे अपराधी हमारे साथ हैं। अगर ये सच है, तो जेल क्यों नहीं भेजते?"
महाराष्ट्र के औरंगाबाद में मीडिया से बात करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा, "बिहार के लोग अपने बच्चों का भाग्य बदलने आ रहे हैं। लोग बदलाव चाहते हैं, शिक्षा चाहते हैं, रोजगार चाहते हैं...बिहार के युवा मजदूरी करने के लिए गुजरात, महाराष्ट्र नहीं जाना चाहते।"
बिहार की सियासी जंग: NDA vs INDIA
बिहार में अक्टूबर या नवंबर 2025 में चुनाव होने की संभावना है, हालांकि चुनाव आयोग ने अभी तक तारीख का ऐलान नहीं किया है। एक तरफ NDA (BJP, JDU और LJP) फिर से सत्ता में लौटने की कोशिश करेगा, तो वहीं दूसरी तरफ INDIA गठबंधन (RJD, कांग्रेस, वाम दल) नीतीश कुमार को सत्ता से हटाने के लिए जोर लगाएगा।
वर्तमान में 243 सीटों वाली बिहार विधानसभा में NDA के पास 131 सीटें हैं:
वहीं विपक्षी INDIA गठबंधन के पास 111 सीटें हैं:
अब देखना यह होगा कि राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप की इस जंग में जनता किसके साथ खड़ी होती है और बिहार की अगली सरकार कौन बनाता है। एक ओर "अपराधियों का मुद्दा", तो दूसरी ओर "जनता की सच्ची लड़ाई" — चुनावी रणभेरी बज चुकी है।