Bihar: 'वोटर लिस्ट में BJP नेताओं के नाम दो-दो बार' तेजस्वी यादव ने चुनाव आयोग पर लगाए गंभीर आरोप

बिहार के नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि कई बीजेपी नेताओं के नाम अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों की वोटर लिस्ट में दर्ज हैं। इस दौरान उन्होंने मुजफ्फरपुर की मेयर और भाजपा की वरिष्ठ नेता निर्मला देवी का उदाहरण देते हुए बताया कि उनके नाम वोटर लिस्ट में दो बार दर्ज हैं। तेजस्वी के अनुसार, निर्मला देवी के पास दो अलग-अलग वोटर ID (EPIC) नंबर हैं और दोनों में उनकी उम्र अलग-अलग लिखी गई है

अपडेटेड Aug 13, 2025 पर 12:40 PM
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Bihar Election 2025: तेजस्वी यादव ने चुनाव आयोग पर लगाए गंभीर आरोप

बिहार में इन दिनों वोटर लिस्ट को लेकर राजनीतिक तापमान लगातार बढ़ता ही जा रहा है। बिहार में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने BJP और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि BJP नेताओं के नाम वोटर लिस्ट में दो-दो बार दर्ज हैं और यह काम चुनाव आयोग की मिलीभगत से हो रहा है। तेजस्वी यादव ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि बीजेपी चुनाव आयोग का इस्तेमाल करके वोटों की चोरी कर रही है।

बिहार के नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि कई बीजेपी नेताओं के नाम अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों की वोटर लिस्ट में दर्ज हैं। इस दौरान उन्होंने मुजफ्फरपुर की मेयर और भाजपा की वरिष्ठ नेता निर्मला देवी का उदाहरण देते हुए बताया कि उनके नाम वोटर लिस्ट में दो बार दर्ज हैं।

तेजस्वी के अनुसार, निर्मला देवी के पास दो अलग-अलग वोटर ID (EPIC) नंबर हैं और दोनों में उनकी उम्र अलग-अलग लिखी गई है। एक कार्ड में उम्र 48 साल और दूसरे में 45 साल बताई गई है। उन्होंने यह भी कहा कि निर्मला देवी के दो देवर– दिलीप कुमार और मनोज कुमार– के नाम भी दो-दो बार लिस्ट में दर्ज हैं और दोनों के पास भी दो-दो EPIC नंबर मौजूद हैं।


तेजस्वी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्क्रीन पर बूथ नंबर 257 और 153 के रिकॉर्ड दिखाते हुए यह दावा किया कि यह साफ तौर से चुनावी गड़बड़ी है। उन्होंने गुजरात भाजपा के प्रभारी भीखूभाई के बारे में भी बताया कि उनका नाम अब पटना में वोटर लिस्ट में है, और उन्होंने गुजरात में अपना नाम कटवा लिया है।

तेजस्वी यादव का कहना है कि पहले भाजपा CBI, ED और इनकम टैक्स जैसी एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्ष को कमजोर करने में करती थी, लेकिन अब जब इनका असर कम हो गया है, तो चुनाव आयोग को अपने पक्ष में इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने 2020 के विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि सिर्फ 12000 वोटों के अंतर से 10 सीटें हारी थीं, जो वोट की चोरी का नतीजा था।

साथ ही, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा कि वे बिहार विधानसभा चुनाव का बहिष्कार कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि 17 अगस्त से वे राहुल गांधी के साथ “वोट अधिकार यात्रा” पर निकलेंगे, जिसमें जनता से मिलकर इस मुद्दे पर चर्चा की जाएगी। यात्रा के बाद वे और उनकी पार्टी गंभीरता से तय करेंगे कि विधानसभा चुनाव में हिस्सा लिया जाए या नहीं।

तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग पहले से ही पूरा खेल तय कर चुका है। उन्होंने कहा, “जब चुनाव आयोग सब कुछ पहले से तय कर चुका है, तो इस बात पर भी विचार किया जा सकता है कि हम चुनाव में न उतरें।” साथ ही उन्होंने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि उसके इशारे पर चुनाव आयोग वोट की “डकैती” कर रहा है और वोटर लिस्ट में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां की जा रही हैं।

RJD नेता ने इस पूरे मामले की गंभीर जांच की मांग की और कहा कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। हालांकि, इस मुद्दे पर BJP की तरफ से फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

बिहार में यह मामला चुनावी माहौल को और गरमा रहा है। आगामी विधानसभा चुनाव से पहले यह विवाद चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल खड़ा कर रहा है।

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