Bihar: प्रशांत किशोर को किसने कहा 'पैसा किशोर' जन सुराज की पहली रैली को विरोधियों ने बताया 'फ्लॉप शो'

विरोधियों का दावा है कि महज 20-30 हजार लोग ही इस रैली में पहुंचे। BJP प्रवक्ता ने तो PK को प्रशांत किशोर की जगह पैसा किशोर तक कह डाला और आरोप लगाया कि पैसा देकर ये भीड़ जमा की गई। राज्य की सत्ताधारी गठबंधन पार्टी- BJP और JDU ने पीके की रैली को फ्लॉप शो करार दिया, तो विपक्षी दल RJD ने कहा कि सन सुराज की हैसियत वोट कटवा की भी नहीं है

अपडेटेड Apr 12, 2025 पर 3:33 PM
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Bihar: प्रशांत किशोर को किसने कहा 'पैसा किशोर' जन सुराज की पहली रैली को विरोधियों ने बताया 'फ्लॉप शो'

आगामी विधानसभा चुनाव से बिहार की राजनीति गर्मा गई है। चुनावी रणनीतिकार से राजनेता बने प्रशांत किशोर पहली बार खुद चुनावी मैदान में ताल ठोक रहे हैं। उनकी नई बनाई पार्टी जन सुराज की पहली रैली शुक्रवार को पटना के गांधी मैदान पर हुई। ऐसा दावा था कि रैली में पांच लाख लोग जुटेंगे। हालांकि, भीड़ का आंकड़ा कुछ हजारों तक ही सिमट कर रह गया। विरोधियों का दावा है कि महज 20-30 हजार लोग ही इस रैली में पहुंचे। BJP प्रवक्ता ने तो PK को प्रशांत किशोर की जगह पैसा किशोर तक कह डाला और आरोप लगाया कि पैसा देकर ये भीड़ जमा की गई।

राज्य की सत्ताधारी गठबंधन पार्टी- BJP और JDU ने पीके की रैली को फ्लॉप शो करार दिया, तो विपक्षी दल RJD ने कहा कि सन सुराज की हैसियत वोट कटवा की भी नहीं है।

BJP प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जयसवाल ने कहा कि करोड़ों रुपए खर्च कर के भीड़ जुटाने की कोशिश फेल हो गई। पांच लाख का दावा था, जबिक 20-30 हजार लोग ही गांधी मैदान पहुंचे। जयसवाल ने कटाक्ष करते हुए कहा, "उनका नाम अब प्रशांत किशोर नहीं बल्कि पैसा किशोर हो जाना चाहिए क्योंकि पैसे के बल पर राजनीति शुरू की है।"


वहीं बीजेपी प्रवक्ता प्रभाकर मिश्रा ने कहा, "प्रशांत किशोर की बिहार बदलाव रैली बदहाल रैली बनकर रह गई। पीके की रैली में हजारों कुर्सियां खाली रह गईं। कई ट्रकों में लाई गई कुर्सियों को तो उतारा भी नहीं गया। किराये पर भीड़ जुटाने की मंशा का यही हाल होता है।"

पीके के इस फर्स्ट शो इसलिए भी फ्लॉप बताया जा रहा है, क्योंकि वे दोपहर से शाम तक कुर्सियां खाली रहीं। फिर जब शाम होने लगी तो लोग जुटने लगे, लेकिन उतनी संख्या में भीड़ नहीं पहुंची।

खुद प्रशांत किशोर इस रैली में दो घंटे की देरी से पहुंचे। उन्होंने करीब 8 मिनट का भाषण ही दिया। पीके ने मंच पर पहुंचते है, सबसे पहले नीतीश कुमार के प्रशासन पर निशान साधा। उन्होंने दावा किया राज्य के अलग-अलग जिलों से रैली में आने के लिए निकले करीब 2 लाख लोग जाम में फंसे हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि लोगों को कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने से रोका जा रहा है। उन्होंने प्रशासन से अपील की, "ट्रैफिक जाम को क्लियर कराया जाए, ताकि घंटों से बसों में भूखे प्यासे बैठे लोग गांधी मैदान तक पहुंच सकें।"

उन्होंने अपने संबोधन के आखिर में कहा, "आपने कहावत सुनी होगी कि जो पुजारी विवाह की रस्में निभाता है, वही अंतिम संस्कार भी कराता है। हम (मुख्यमंत्री) नीतीश कुमार का राजनीतिक श्राद्ध सुनिश्चित करेंगे।"

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