
Bihar Voters List : बिहार में जारी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) अभियान को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। चुनाव आयोग के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) अभियान के दौरान पाया है कि 18.66 लाख यानी 2.36% लोग, जो अब इस दुनिया में नहीं हैं, फिर भी वोटर लिस्ट में शामिल हैं। इस अभियान में अब तक कुल 52.30 लाख वोटर ऐसे पाए गए हैं जिनकी जानकारी या तो गलत है या वे अब संबंधित पते पर नहीं रह रहे हैं। आयोग इन गड़बड़ियों को सुधारने के लिए मतदाता सूची को अपडेट कर रहा है।
अपने पते पर नहीं मिले 52 लाख वोटर
स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) अभियान के तहत घर-घर जाकर की गई जांच में सामने आया है कि 21 जुलाई 2025 तक 52.30 लाख से ज्यादा मतदाता अपने पते पर नहीं मिले। इनमें से करीब 18.5 लाख मतदाता मृत पाए गए, 26 लाख लोगों ने स्थायी रूप से अपना ठिकाना बदल लिया, लगभग 7.5 लाख मतदाता दो या उससे अधिक स्थानों पर पंजीकृत पाए गए और लगभग 11,000 मतदाताओं का कोई अता-पता नहीं चल सका।
बता दें कि ये अभियान मतदाता सूची को साफ-सुथरा और सही बनाने के लिए चलाया जा रहा है। बिहार में वोटर लिस्ट को अपडेट करने के लिए चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) अभियान में अब तक 97.30% मतदाताओं ने अपना फॉर्म भरकर जमा कर दिया है। भारत निर्वाचन आयोग के मुताबिक, अब सिर्फ 2.70% मतदाता ही फॉर्म भरने बाकी हैं। ये फॉर्म उस मसौदा वोटर लिस्ट के लिए भरे जा रहे हैं, जिसे 1 अगस्त 2025 को पब्लिश किया जाएगा। इस प्रक्रिया का उद्देश्य वोटर लिस्ट को सही और समय के अनुसार अपडेट करना है।
चुनाव ने दी ये जानकारी
मंगलवार को भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने बताया कि 24 जून तक बिहार में पंजीकृत 7.90 करोड़ मतदाताओं में से 7.16 करोड़ लोगों से फॉर्म एकत्र किए जा चुके हैं, जिनमें से 7.13 करोड़ फॉर्म डिजिटल रूप से भरे गए हैं। सर्वे के दौरान 52.30 लाख मतदाता अपने पते पर नहीं मिले, जो कुल पंजीकृत मतदाताओं का 6.62% है। अब तक चुनाव आयोग ने कुल 7.68 करोड़ मतदाताओं (97.30%) को कवर कर लिया है। केवल 2.70% (लगभग 21.35 लाख) मतदाता ही ऐसे हैं जिनसे अब तक फॉर्म नहीं मिल पाया है।
हिंदी में शेयर बाजार, स्टॉक मार्केट न्यूज़, बिजनेस न्यूज़, पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App डाउनलोड करें।