Nitish Kumar Resign: सीएम नीतीश कुमार ने छोड़ा MLC का पद! बिहार विधान परिषद से दिया इस्तीफा, अब कौन होगा नया मुख्यमंत्री? सस्पेंस बरकरार

Nitish Kumar Resign MLC Post: करीब 20 साल से बिहार की कमान संभाल रहे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार (30 मार्च) को बिहार विधान परिषद (MLC) के सदस्य के तौर पर अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इसी के साथ बिहार में अब एक नए युग की शुरुआत होगी। भारतीय जनता पार्टी (BJP) पहली बार बिहार की सत्ता में ड्राइवर की सीट पर सवार होगी। जबकि नीतीश अब राज्यसभा जाएंगे

अपडेटेड Mar 30, 2026 पर 11:41 AM
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Nitish Kumar Resign MLC Post: नीतीश कुमार ने बिहार विधान परिषद से इस्तीफा दे दिया है

Nitish Kumar Resign MLC Post: बिहार के मुख्यमंत्री के तौर पर नीतीश कुमार का 20 साल का कार्यकाल आज यानी सोमवार (30 मार्च) को खत्म होने वाला है। नीतीश कुमार ने राज्यसभा सदस्य चुने जाने के बाद बिहार विधान परिषद (MLC) के सदस्य पद से इस्तीफा दे दिया है। संसद और राज्य विधानसभाओं में दोहरी सदस्यता को कंट्रोल करने वाले संवैधानिक नियमों के तहत उनका इस्तीफा जरूरी था।

नीतीश कुमार का इस्तीफा मुख्यमंत्री के सरकारी आवास पर काउंसिल के चेयरमैन अवधेश नारायण सिंह को सौंप दिया गया है। बता दें कि नीतीश कुमार 16 मार्च को राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए थे। माना जा रहा है कि नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद से बिहार में एक नए युग की शुरुआत होगी। अब भारतीय जनता पार्टी (BJP) पहली बार बिहार की सत्ता में सवार होकर ड्राइवर की सीट संभालेगी।

बिहार विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह ने पत्रकारों से कहा, "मैंने सुबह मुख्यमंत्री (नीतीश कुमार) से शिष्टाचार भेंट की है। उन्होंने अपना इस्तीफा दिया है। अब उसकी प्रक्रिया हो रही है। सीट खाली घोषित की जाएगी। उनके जाने से बिहार दुखी है। आज बिहार की गिनती विकसित राज्यों में हो रही है। उनका इस्तीफा स्वीकार हो गया है।"


संविधान के अनुसार, यदि कोई राज्य विधायक या विधान परिषद सदस्य यानी MLC संसद के लिए चुना जाता है, तो उसे 14 दिनों के भीतर अपनी पूर्व सदस्यता छोड़नी होती है। सोमवार यानी 30 मार्च को यह डेडलाइन खत्म हो रहा है। जनता दल यूनाइटेड (JDU) के कुछ नेताओं का मानना है कि बिहार में नेतृत्व परिवर्तन फिलहाल टल सकता है। उनका कहना है कि नियमों के तहत कोई व्यक्ति बिना विधानसभा या विधान परिषद का सदस्य हुए भी अधिकतम 6 महीने तक सीएम पद पर बना रह सकता है।

किसे मिलेगी बिहार की कमान?

2005 में जब नीतीश कुमार ने NDA को पहली जीत दिलाई थी, तब से BJP उनके पीछे काम कर रही थी। NDA सूत्रों ने बताया कि वह राज्यसभा के सदस्य के तौर पर शपथ लेने के बाद CM पद छोड़ सकते हैं। राज्यसभा में उनका कार्यकाल 10 अप्रैल से शुरू होगा। नीतीश के इस्तीफे के साथ ही बिहार में नए CM को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं।

आधिकारिक तौर पर बीजेपी या JDU की तरफ से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है कि किस पार्टी को बिहार की शीर्ष कुर्सी मिलेगी। लेकिन दोनों दलों के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने सुझाव दिया है कि बीजेपी का कोई उम्मीदवार 75 वर्षीय नीतीश कुमार की जगह लेगा। दोनों सहयोगी पार्टियों के रोल बदल जाएंगे, जिसमें जेडीयू को डिप्टी सीएम का पद मिलेगा।

सम्राट चौधरी सीएम की रेस में सबसे आगे

नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को बिहार के नए उपमुख्यमंत्री के तौर पर देखा जा रहा है। लेकिन सूत्रों ने बताया कि इस पद पर एक से ज्यादा लोग हो सकते हैं। वर्तमान डिप्टी सीएम और सीनियर बीजेपी नेता सम्राट चौधरी का नाम नीतीश कुमार की जगह लेने के लिए सबसे आगे है। इसकी वजहें 2017 में BJP में शामिल होने के बाद से पार्टी में उनकी तेजी से बढ़त और कुशवाहा समुदाय का एक बड़ा चेहरा बनकर उभरना हैं।

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कुशवाहा समुदाय की आबादी 4.27% से ज्यादा है। हाल ही में JDU की सदस्यता लेने वाले निशांत ने कहा कि साल 2005 के बाद बिहार में स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में हुए विकास कार्यों की जानकारी लोगों तक पहुंचाना सभी कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी है। नीतीश कुमार ने इस साल 5 मार्च को CM पद से इस्तीफा देने की घोषणा की थी। साथ ही उन्होंने बिहार विधानसभा और संसद के दोनों सदनों का सदस्य बनने की अपनी पुरानी इच्छा भी जाहिर की थी।

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