Tejashwi Yadav Voter ID Card Row: भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता तेजस्वी यादव पर दो वोटर आईडी कार्ड रखने का आरोप लगाया है। तेजस्वी यादव ने शनिवार (2 गस्त) को दावा किया कि बिहार में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तहत चुनाव आयोग की तरफ से जारी नए वोटर लिस्ट में उनका नाम नहीं है। हालांकि, चुनाव आयोग ने तेजस्वी यादव के दावे को निराधार करार दिया है। बीजेपी ने रविवार को आरोप लगाया कि तेजस्वी यादव ने दो वोटर आईडी कार्ड रखकर अपराध किया है।
इस बीच, चुनाव आयोग ने तेजस्वी यादव को पत्र लिखकर EPIC कार्ड का डिटेल्स मांगा है। निर्वाचन आयोग ने रविवार को तेजस्वी यादव से उस मतदाता पहचान पत्र को जांच के लिए सौंपने को कहा, जिसके बारे में उन्होंने दावा किया था कि वह उनके पास है। जबकि वह आधिकारिक रूप से जारी नहीं किया गया था।
बीजेपी ने कहा कि प्रेस कॉन्फ्रेंस में तेजस्वी यादव ने जिस मतदाता पहचान पत्र (EPIC) का हवाला दिया, वह उनके आधिकारिक वोटर आईडी कार्ड से अलग है। बीजेपी ने विपक्षी दल के नेता पर ऐसे वक्त हमला किया है जब एक दिन पहले आयोग ने उनके (यादव के) इस दावे का खंडन किया था कि बिहार में मसौदा वोटर लिस्ट से उनका नाम गायब है। BJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने पूछा, "कांग्रेस और RJD पूरी तरह बेनकाब हो गए हैं...क्या आपने (यादव) शपथ लेकर झूठ बोला था? क्या आपने निर्वाचन आयोग के सामने गलत तथ्य पेश किए थे?"
पात्रा ने कहा कि RJD नेता ने 2020 के चुनावी हलफनामे में जो मतदाता पहचान पत्र पेश किया था, वह शनिवार को उनके द्वारा बताए गए उस वोटर आईडी से अलग था, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि SIR के बाद तैयार वोटर लिस्ट से उनका नाम गायब है। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और उनके सहयोगी यादव पर निर्वाचन आयोग जैसी संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने और अनादर करने तथा भारत की प्रतिष्ठा को धूमिल करने के लिए झूठ का सहारा लेने का आरोप लगाया।
BJP नेता ने दावा किया कि गांधी और यादव की हताशा संवैधानिक संस्थाओं या देश को बचाने की नहीं, बल्कि अपने परिवारों को बचाने की है। पात्रा ने दावा किया कि बिहार में वोटर लिस्ट से किसी का नाम हटाए जाने की एक भी शिकायत राजनीतिक दलों के बूथ एजेंटों से नहीं आई है। उन्होंने कहा कि मतदाता पहचान पत्र के बारे में यादव के झूठ अक्टूबर-नवंबर में होने वाले विधानसभा चुनावों में उनकी पार्टी की महापराजय का संकेत हैं।
तेजस्वी यादव ने शनिवार को दावा किया कि बिहार में SIR के तहत निर्वाचन आयोग द्वारा प्रकाशित वोटर लिस्ट में उनका नाम नहीं है। जब चुनाव आयोग की तरफ से इसका खंडन किया गया तो यादव ने दावा किया कि उन्हें आवंटित EPIC नंबर को बदल दिया गया। चुनाव आयोग के सूत्रों ने बताया कि दूसरे मतदाता पहचान पत्र के पीछे की वास्तविकता को समझने के लिए जांच जारी है।
अधिकारियों ने बताया कि वोटर लिस्ट के संबंधित हिस्से में उनका नाम क्रम संख्या 416 पर है। उन्होंने कहा कि यदि उन्हें अब भी कोई शिकायत है तो उन्हें निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन करना चाहिए । इस बीच, आयोग के सूत्रों ने कहा कि राजद नेता ने 2020 में अपना नामांकन पत्र भरने के लिए EPIC संख्या RAB0456228 का इस्तेमाल किया।
एक अधिकारी ने पीटीआई को बताया, "वर्ष 2015 में भी मतदाता सूची में उनका यही मतदाता पहचान पत्र नंबर दर्ज था। इस मतदाता पहचान पत्र नंबर से उनका नाम मसौदा मतदाता सूची में भी मौजूद है।" सूत्रों ने बताया कि RAB2916120 नंबर वाला दूसरा मतदाता पहचान पत्र अस्तित्व में नहीं पाया गया है। पिछले 10 वर्षों से अधिक के रिकॉर्ड की जांच की गई है। उन्होंने कहा कि दूसरे कार्ड नंबर के लिए अब तक कोई रिकॉर्ड नहीं मिला है।