Bihar Election 2025: बिहार चुनाव में महागठबंधन के CM चेहरे पर सस्पेंस खत्म, कांग्रेस का आया बड़ा बयान
Bihar Elections 2025: बिहार विधानसभा चुनाव में महागठबंधन की तरफ से तेजस्वी यादव के मुख्यमंत्री चेहरे से जुड़े सवाल पर कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार ने कहा कि सीएम कौन बनेगा, यह जनता तय करती है। जिसके पास संख्याबल है वह मुख्यमंत्री बनेगा। उन्होंने कहा कि स्वाभाविक रूप से RJD ज्यादा सीटों पर लड़ेगी और ज्यादा सीटों पर जीतेगी। संख्याबल उसके पास होगा और मुख्यमंत्री पद पर उनकी दावेदारी होगी
Bihar Assembly Elections 2025: बिहार में इस साल के आखिरी में विधानसभा चुनाव होने हैं
Bihar Assembly Elections 2025: कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार ने शुक्रवार (27 जून) को कहा कि बिहार में महागठबंधन की तरफ से मुख्यमंत्री पद के लिए तेजस्वी यादव के प्रमुख चेहरा होने को लेकर कोई असमंजस और विवाद नहीं है। कुमार ने कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव में विपक्षी गठबंधन के जीतने पर सबसे बड़े घटक दल के रूप में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) का नेता ही स्वाभाविक रूप से मुख्यमंत्री होगा। बिहार विधानसभा चुनाव इस साल अक्टूबर-नवंबर में होने की संभावना है।
कन्हैया कुमार ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को दिए एक इंटरव्यू में यह भी कहा कि चुनाव में मुद्दे महत्वपूर्ण हैं। लेकिन एक साजिश के तहत इनसे ध्यान भटकाने के लिए बार-बार चेहरे की बात की जा रही है। बिहार में इंडिया (इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस) गठबंधन के घटक दलों के गठजोड़ को 'महागठबंधन' के नाम से जाना जाता है। इस गठबंधन में वाम दलों के साथ ही राष्ट्रीय जनता दल (RJD), कांग्रेस और विकासशील इंसान पार्टी (VIP) शामिल हैं।
पिछले विधानसभा चुनाव में महागठबंधन के सबसे बड़े घटक RJD ने 144 सीटों पर चुनाव लड़ा था और 52 प्रतिशत की सफलता दर से 75 सीटें हासिल की थी। जबकि, कांग्रेस 70 सीटों पर चुनाव लड़ी, लेकिन उसे 27 प्रतिशत सीटों पर ही सफलता मिली थी। उसने सिर्फ 19 सीटें जीती थीं। भाकपा (माले) लिबरेशन ने 19 सीट पर चुनाव लड़ा और 12 पर जीत हासिल की थी। यानी उसे 63 प्रतिशत सीटों पर कामयाबी मिली थी।
तेजस्वी यादव ही होंगे सीएम फेस
महागठबंधन की तरफ से मुख्यमंत्री के चेहरे और तेजस्वी यादव से जुड़े सवाल पर कुमार ने कहा, "मुख्यमंत्री कौन बनेगा, यह जनता तय करती है। जिसके पास संख्याबल है वह मुख्यमंत्री बनेगा। स्वाभाविक रूप से RJD ज्यादा सीटों पर लड़ेगी और ज्यादा सीटों पर जीतेगी। संख्याबल उसके पास होगा और मुख्यमंत्री पद पर उनकी दावेदारी होगी, इसको लेकर कोई संदेह नहीं है।"
यह पूछा गया कि क्या प्रमुख चेहरा तेजस्वी का है और इसको लेकर महागठबंधन कोई असमंजस नहीं है? इस पर जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष ने कहा, "इसमें कोई संदेह, संकट या विवाद नहीं है। इसमें बिल्कुल स्पष्टता है कि महागठबंधन में प्रक्रिया के तहत चीजें हो रही हैं। सारी पार्टियों को मिलाकर मीडिया समूह बना है, सारी पार्टियों को मिलाकर घोषणापत्र समिति बनी है, सारी पार्टियां मिलकर सीटें तय करेंगी।"
पिछली बार क्यों हुई हार?
बिहार में वर्तमान राजनीतिक परिस्थिति के बारे में पूछे जाने पर कन्हैया कुमार ने कहा, "मेरे खयाल से पिछली बार भी बदलाव का माहौल था। थोड़े अंतर से महागठबंधन की सरकार नहीं बन पाई। पिछले पांच वर्षों से बिहार की जो स्थिति है, उससे लगता है कि (इस बार) बदलाव की बयार पहले से ज्यादा मजबूत है।"
कांग्रेस की छात्र इकाई NSUI के प्रभारी ने महागठबंधन के घटक दलों का उल्लेख करते हुए कहा, "हम सब मिलकर चुनाव लड़ेंगे। जिसकी बड़ी जिम्मेदारी है वह निभाएगा और जिसकी छोटी जिम्मेदारी है, उसका भी निर्वहन जरूरी है। एक चुटकी नमक कम तो खाना बेस्वाद और एक चुटकी ज्यादा हो तो भी खाना बेस्वाद... इसलिए सब अपनी अपनी भूमिका निभाएंगे।"
बिहार में कांग्रेस के प्रमुख चेहरों में शुमार इस नेता ने महागठबंधन में सीनियर और जूनियर घटक के विचार को खारिज करते हुए कहा कि सभी दलों की अपनी भूमिका है और वे एकजुट होकर सभी 243 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने कहा, "यदि आप गाड़ी को देखें तो उसमें क्लच उतना ही महत्वपूर्ण होता है जितना ब्रेक और रियर व्यू मिरर महत्वपूर्ण होते हैं।"
नीतीश कुमार को हटाएगी बीजेपी?
कन्हैया कुमार ने दावा किया कि बीजेपी नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद से हटाकर, इस पद पर अपना चेहरा लाने की कोशिश में है। उन्होंने कहा, "ऐसा नहीं है कि वे नीतीश जी के अस्वस्थ होने पर यह कोशिश कर रहे हैं। वह पहले भी प्रयास कर चुके हैं। भाजपा पिछले कई दशकों से बिहार में वही करना चाहती है जो दूसरी जगह करने में सफल रही है। मतलब पहले क्षेत्रीय दल का साथ पकड़ो और फिर धीरे-धीरे उसे निगल जाओ। बिहार में ऐसा न कर पाने की वजह से BJP नीतीश का साथ लेने को मजबूर हुई।"
कुमार ने कटाक्ष करते हुए कहा, "प्रधानमंत्री और गृहमंत्री ने कहा था कि नीतीश जी के लिए सारे दरवाजे बंद हैं। तो क्या नीतीश जी ब्लूटूथ से (NDA में) डाउनलोड हो गए?" उन्होंने कहा कि बिहार में पलायन, बेरोजगारी, पेपर लीक, परीक्षाओं का समय पर नहीं होना, अपराध में वृद्धि और नौकरशाही की मनमानी आदि प्रमुख मुद्दे होंगे।