Congress Position in Delhi: दिल्ली विधानसभा के चुनाव में कांग्रेस लगातार तीसरी बार फिसड्डी साबित हुई है। 2015,2020 और अब 2025 के चुनाव में कांग्रेस का एक भी कैंडिडेट विधानसभा नहीं पहुंच सका। नतीजे आने के पहले एग्जिट पोल ने कांग्रेस की दिल्ली में घटती स्थिति का संकेत दे रही थी तो आज नतीजे ने मुहर लगा दी। यह उस कांग्रेस के लिए बड़ा झटका है जिसने शीला दीक्षित की अगुवाई में लगातार तीन बार दिल्ली में सरकार चलाई थी। कांग्रेस को उम्मीद थी कि कम से कम यह उन क्षेत्रों में वापसी करेगी जहां मुस्लिम जनसंख्या का एक बड़ा हिस्सा है। यहां कांग्रेस की मौजूदा स्थिति की एक तस्वीर पेश की जा रही है।
Rahul Gandhi की Nyay Yatra से क्यों नहीं मिला फायदा?
राहुल गांधी की न्याय यात्रा से कांग्रेस की छवि बेहतर हो रही थी। लंबे समय बाद लोगों को कांग्रेस जमीन पर दिख रही थी। हालांकि राहुल गांधी की करीब आधा दर्जन रैलियों के रद्द होने से कांग्रेस की छवि को धक्का पहुंचा। इसके अलावा पूरे चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस के लोकप्रिय वरिष्ठ नेताओं की कमी महसूस हुई। आखिरी समय में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा ने स्थिति संभालने की कोशिश की लेकिन नतीजे से स्पष्ट हो गया कि यह सफल नहीं रहा। कांग्रेस का मानना है कि पार्टी को राज्यों में वापसी करने की जरूरत है ताकि राष्ट्रीय स्तर पर फिर से मजबूत हो सके लेकिन दिल्ली में इस बार भी बुरी तरह फेल हो गई।
पिछले दो चुनावों में कैसी थी कांग्रेस की चुनावी स्थिति?
वर्ष 2020 में कांग्रेस ने 66 सीटों पर चुनाव लड़ा था, जिसमें से 63 उम्मीदवारों को अपनी सिक्योरिटी डिपॉजिट्स गंवानी पड़ी थी। केवल गांधी नगर से अरविंदर सिंह लवली, बादली से देवेंद्र यादव और कस्तूरबा नगर से अभिषेक दत्त अपनी सिक्योरिटी डिपॉजिट्स बचा पाए थे। इससे पहले वर्ष 2015 में पार्टी ने सभी 70 सीटों पर चुनाव लड़ा था लेकिन एक भी सीट नहीं जीत सकी और इसके 62 उम्मीदवारों ने अपनी सिक्योरिटी डिपॉजिट्स गंवा दी दी।
हार के बाद कैसी रही कांग्रेस की प्रतिक्रिया?
इस बार के विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि उन्होंने अभी नतीजे चेक नहीं किया जो एक तरह से पार्टी में अनिश्चितता को दिखाता है। नई दिल्ली से कांग्रेस उम्मीदवार संदीप दीक्षित ने कहा कि बीजेपी सरकार बनाती हुई दिख रही है। उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस ने कुछ अहम मुद्दे जरूर उठाए थे लेकिन ऐसा लगता है कि लोगों को लगा कि हम सरकार नहीं बना पाएंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी लोगों के फैसले का सम्मान करते हैं।