Delhi CM Oath Ceremony: दिल्ली में कब होगा नए मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण समारोह? तारीख को लेकर आ गया अपडेट
Delhi Chief Minister Oath Ceremony: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के नए मुख्यमंत्री के लिए शपथ ग्रहण समारोह 19 या 20 फरवरी को होने की संभावना है। शुक्रवार रात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अमेरिका से नई दिल्ली लौटने के बाद राजधानी में सरकार गठन के प्रयास तेज हो जाएंगे। बीजेपी ने दिल्ली की सत्ता में 27 साल बाद जोरदार वापसी की है
Delhi Election Results 2025: दिल्ली विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का खाता भी नहीं खुल पाया है। बीजेपी ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की है
Delhi Chief Minister Oath Ceremony: आम आदमी पार्टी (AAP) की नेता आतिशी ने दिल्ली के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। इससे 27 साल बाद राजधानी में सत्ता में वापसी करने वाली भारतीय जनता पार्टी (BJP) की नई सरकार के गठन का रास्ता साफ हो गया। भगवा पार्टी ने अभी तक अपने मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार की घोषणा नहीं की है। बीजेपी के एक नेता ने बताया कि शपथ ग्रहण समारोह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अमेरिका की आधिकारिक यात्रा से लौटने के बाद होगा। पीएम मोदी के 14 फरवरी को रात में नई दिल्ली वापस आने की उम्मीद है।
दिल्ली में बीजेपी सरकार का शपथ ग्रहण समारोह 19 या 20 फरवरी को होने की संभावना है। नई सरकार अन्य चीजों के अलावा स्वच्छ पेयजल आपूर्ति, बेहतर नागरिक बुनियादी ढांचे को प्राथमिकता देगी। बीजेपी के नवनिर्वाचित विधायक और पार्टी के राष्ट्रीय सचिव मनजिंदर सिंह सिरसा ने पीटीआईको बताया कि प्रधानमंत्रीमोदी अपनी विदेश यात्रा से वापस आ रहे हैं। जल्द ही बीजेपी विधायक दल की बैठक के लिए पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की जाएगी।
राजौरी गार्डन से विधायक और मुख्यमंत्री या मंत्री पद के दावेदार माने जा रहे सिरसा ने शुक्रवार को कहा, "नई सरकार 19-20 फरवरी के आसपास काम करना शुरू कर देगी।" सिरसा ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि बीजेपी विधायक दल की बैठक 18-19 फरवरी के आसपास होगी। उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि शपथ ग्रहण समारोह के बाद 20 फरवरी तक नई सरकार का गठन हो जाएगा।"
'मुख्यमंत्री पद के लिए कोई होड़ नहीं'
दिल्ली के मुख्यमंत्री पद के लिए किसी भी तरह की होड़ के संबंध में नवनिर्वाचित बीजेपी विधायकों ने कहा कि ऐसी बातें केवल मीडिया द्वारा की जा रही अटकलें हैं। लक्ष्मी नगर सीट से दूसरी बार विधायक बने अभय वर्मा ने कहा, "दिल्ली के मुख्यमंत्री पद के लिए कोई होड़ नहीं है। हमारी पार्टी में विधायकों की बैठक में मुख्यमंत्री या विधायक दल के नेता का चुनाव होता है।"
पूर्वांचली नेता वर्मा को भी दिल्ली के मुख्यमंत्री पद की दौड़ में माना जा रहा है। वर्मा ने कहा, "हम लोगों की सेवा करने आए हैं और अब विकास, स्वच्छ जल आपूर्ति और लोगों के लिए स्वच्छ हवा जैसे मुद्दों के साथ-साथ यमुना को प्रदूषण से मुक्त करने के बारे में सोच रहे हैं।"
bjp विधायकों ने कहा कि प्रधानमंत्री के वादे के अनुसार, आम आदमी पार्टी सरकार द्वारा बाधित आयुष्मान भारत स्वास्थ्य योजना को नयी कैबिनेट की पहली बैठक में दिल्ली में लागू किया जाएगा। सिरसा ने कहा कि स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना, शहर में स्वच्छता सुनिश्चित करना और वायु और यमुना प्रदूषण से निपटने के लिए काम शुरू करना, सत्ता में आने के 100 दिनों के भीतर नई सरकार की प्राथमिकताएं होंगी।
छठी बार विधायक बने मोहन सिंह बिष्ट ने कहा कि दिल्ली का नया मुख्यमंत्री 48 बीजेपी विधायकों में से चुना जाएगा। मुस्तफाबाद के विधायक ने निर्वाचन क्षेत्र का नाम बदलकर शिव विहार या शिव पुरी करने का अपना प्रस्ताव भी दोहराया। बिष्ट ने कहा, "एक समुदाय (अल्पसंख्यक) के करीब 42 प्रतिशत लोग हैं और दूसरी ओर 58 प्रतिशत लोग (हिंदू) हैं... इसलिए, जनता की भावना का सम्मान किया जाना चाहिए।"
कौन होगा दिल्ली का सीएम?
आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रमुख अरविंद केजरीवाल को हराने वाले जाट समुदाय के नेता प्रवेश वर्मा जैसे प्रमुख चेहरे और सतीश उपाध्याय, विजेंद्र गुप्ता, आशीष सूद एवं पवन शर्मा जैसे संगठन के अनुभवी नेताओं की चर्चा हो रही है। लेकिन बीजेपी का इतिहास कम चर्चित नेताओं को आगे बढ़ाने का रहा है। बीजेपी के एक नेता ने कहा कि पार्टी का शीर्ष नेतृत्व राजनीतिक समीकरणों के आधार पर पूर्वांचल की पृष्ठभूमि वाले किसी विधायक, सिख या महिला पर भी विचार कर सकता है। उन्होंने कहा कि 2023 में मध्य प्रदेश और राजस्थान तथा पिछले साल ओडिशा समेत पिछले अनुभव के मद्देनजर ऐसे मामलों पर अटकलों के लिए बहुत कम गुंजाइश बचती है।
बीजेपी ने मध्यप्रदेश में मोहन यादव, राजस्थान में भजनलाल शर्मा और ओडिशा में मोहन चरण माझी को चुना था। इससे अधिकांश राजनीतिक विश्लेषक हैरान रह गए। भाजपा की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि मुख्यमंत्री पर फैसला पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व लेगा। उन्होंने कहा कि सभी नवनिर्वाचित विधायक उन्हें सौंपी गई जिम्मेदारियों का निर्वहन करने में सक्षम हैं।
भारतीय जनता पार्टी ने दिल्ली विधानसभा चुनाव में शानदार प्रदर्शन करते हुए आम आदमी पार्टी (AAP) को राष्ट्रीय राजधानी की सत्ता से बाहर कर 27 साल बाद धमाकेदार वापसी की है। बीजेपी ने 70 में से 48 सीटें जीतकर बहुमत हासिल कर लिया है। वहीं, AAP प्रमुख अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी ने 22 सीटों पर सिमट गई है। कांग्रेस का तो खाता भी नहीं खुला है।