Delhi CM Race : दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी का सबसे मजबूत किला ढहाने के बाद भाजपा अब राजधानी में सरकार बनाने जा रही है। वहीं चुनाव के बाद अब सबके मन में एक ही सवाल है कि, दिल्ली का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा? भाजपा की तरफ से अभी तक दिल्ली के मुख्यमंत्री को लेकर कोई ऐलान नहीं किया गया है। ऐसा कहा जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फ्रांस और अमेरिका दौरे से वापस आने के बाद इस बात का फैसला होगा। वहीं अगले मुख्यमंत्री को लेकर दिल्ली भाजपा के कई नेताओं के नामों पर अटकलें तेज़ हो गई हैं। आइए जानते ने सीएम पद की रेस में कौन-कौन से नेता हैं, जो सबसे आगे चल रहे हैं।
दिल्ली विधानसभा चुनाव में नई दिल्ली सीट से आप मुखिया अरविंद केजरीवाल को हराने वाले परवेश वर्मा का नाम मुख्यमंत्री के लिए सबसे आगे चल रहे है। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री साहिब सिंह वर्मा के बेटे परवेश वर्मा शीर्ष दावेदारों में शामिल हैं। जानकारी के मुताबिक परवेश वर्मा को RSS का भी समर्थन मिल रहा है। पश्चिमी दिल्ली से दो बार सांसद के रूप में उनका अनुभव उन्हें एक मजबूत उम्मीदवार बनाता है। केजरीवाल पर उनकी जीत ने उन्हें महत्वपूर्ण राजनीतिक ताकत दी है, जिससे वे सीएम पद की रेस में सबसे आगे हैं।
आशीष सूद के नाम पर भी चर्चा
वरिष्ठ भाजपा नेता और दक्षिण दिल्ली नगर निगम के पूर्व प्रभारी आशीष सूद एक और मजबूत दावेदार हैं। सूद ने जनकपुरी विधानसभा क्षेत्र से 68,986 वोटों के साथ जीत हासिल की। उनका प्रशासनिक अनुभव और नगर निगम प्रशासन में नेतृत्व उनके पक्ष में काम कर सकता है। इसके अतिरिक्त, गोवा के लिए भाजपा के प्रभारी और जम्मू-कश्मीर के सह-प्रभारी के रूप में उनकी भूमिका उनकी संगठनात्मक क्षमताओं में पार्टी के भरोसे को दर्शाती है।
विजेंद्र गुप्ता भी पीछे नहीं
दिल्ली भाजपा के पूर्व अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता भी एक मजबूत संभावना के रूप में उभरे हैं। रोहिणी से लगातार तीसरी बार 37,000 से ज़्यादा वोटों के अंतर से जीतने वाले गुप्ता के पास विधायी अनुभव काफ़ी है। वे पहले दिल्ली विधानसभा में विपक्ष के नेता रह चुके हैं और AAP की नीतियों के ख़िलाफ़ प्रभावशाली आवाज़ रहे हैं। दिल्ली के राजनीतिक परिदृश्य से उनकी अच्छी खासी जानकारी है और ये बात उन्हें नेतृत्व की दौड़ में बढ़त दिला सकती है।
RSS के करीबी होने का मिलेगा फायदा?
दिल्ली बीजेपी के एक और पूर्व अध्यक्ष सतीश उपाध्याय भी मालवीय नगर विधानसभा क्षेत्र से जीत हासिल करने के बाद इस दौड़ में हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के करीबी सहयोगी उपाध्याय को पार्टी के भरोसेमंद रणनीतिकार के तौर पर देखा जाता है। नई दिल्ली नगर निगम (NDMC) के उपाध्यक्ष और बीजेपी की मध्य प्रदेश इकाई के सह-प्रभारी के तौर पर उनकी पिछली भूमिका उनके शासन के अनुभव को दर्शाती है। RSS नेतृत्व के साथ उनके संबंध उनकी उम्मीदवारी में निर्णायक हो सकते हैं।
इस युवा चेहरे पर भी लग सकता है दाव
अगर बीजेपी किसी महिला उम्मीदवार को चुनती है, तो शिखा रॉय शीर्ष विकल्प हो सकती हैं। उन्होंने ग्रेटर कैलाश विधानसभा क्षेत्र में AAP के सौरभ भारद्वाज को 3,188 वोटों से हराया। अपने संगठनात्मक कौशल और जमीनी जुड़ाव के लिए जानी जाने वाली रॉय ने दक्षिण दिल्ली में भाजपा के आधार को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आप के दिग्गज नेता पर उनकी जीत ने उनकी राजनीतिक स्थिति को और मजबूत कर दिया है, जिससे वह एक मजबूत संभावित सीएम उम्मीदवार बन गई हैं।