Exit Poll Result 2026: बंगाल की आखिरी वोटिंग के साथ खुलेगा एग्जिट पोल के नतीजों का पिटारा, कब और कहां देखें?

भले ही असम, केरल और तमिलनाडु में मतदान पहले ही हो चुका है, लेकिन वहां के एग्जिट पोल के रुझान अब तक पर्दे के पीछे हैं। इसका मुख्य कारण चुनाव आयोग की निष्पक्ष चुनाव कराने की नियमावली है। नियम के अनुसार, जब तक देश के किसी भी कोने में वोटिंग चल रही हो, तब तक कहीं के भी अनुमानित नतीजे- यानी एग्जिट पोल घोषित नहीं किए जा सकते

अपडेटेड Apr 29, 2026 पर 1:30 PM
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पश्चिम बंगाल, असम, केरल और तमिलनाडु के चुनावी रण का समापन अब बस कुछ ही घंटों की दूरी पर है। 29 अप्रैल को बंगाल के दूसरे चरण के मतदान के साथ ही लोकतांत्रिक उत्सव का यह दौर थम जाएगा। इसके ठीक बाद, शाम से ही सबकी नजरें टीवी स्क्रीन और डिजिटल पोर्टल्स पर टिक जाएंगी, क्योंकि इसी वक्त चारों राज्यों के 'एग्जिट पोल' के आंकड़े जारी किए जाएंगे।

एग्जिट पोल के नतीजों का क्यों करना पड़ेगा इंतजार?

भले ही असम, केरल और तमिलनाडु में मतदान पहले ही हो चुका है, लेकिन वहां के एग्जिट पोल के रुझान अब तक पर्दे के पीछे हैं। इसका मुख्य कारण चुनाव आयोग की निष्पक्ष चुनाव कराने की नियमावली है। नियम के अनुसार, जब तक देश के किसी भी कोने में वोटिंग चल रही हो, तब तक कहीं के भी अनुमानित नतीजे- यानी एग्जिट पोल घोषित नहीं किए जा सकते।


ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि एक राज्य के रुझान दूसरे राज्य के मतदाताओं की सोच को प्रभावित न कर सकें। 29 अप्रैल को बंगाल में होने वाली अंतिम वोटिंग के बाद ही यह 'लॉक' खुलेगा।

कानूनी पेच: लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951

एग्जिट पोल के प्रसारण पर पाबंदी कोई सामान्य निर्देश नहीं बल्कि एक कानूनी अनिवार्यता है। जन प्रतिनिधित्व कानून (1951) के प्रावधानों के तहत:

  • मतदान के पहले चरण से लेकर आखिरी चरण की समाप्ति तक किसी भी तरह का चुनावी सर्वे (एग्जिट पोल) प्रकाशित या प्रसारित करना दंडनीय अपराध है।
  • नियमों की अनदेखी करने वाली संस्थाओं पर भारी जुर्माना या जेल की कार्रवाई हो सकती है।
  • यही कारण है कि बंगाल के रण की समाप्ति के बाद ही सभी चुनावी राज्यों के एग्जिट पोल के रुझान एक साथ सार्वजनिक होंगे।

ओपिनियन पोल बनाम एग्जिट पोल: फर्क समझना जरूरी

अक्सर मतदाता इन दोनों शब्दों को एक ही समझ लेते हैं, जबकि इनमें बड़ा अंतर है:

ओपिनियन पोल: यह मतदान शुरू होने से पहले लिया गया जनता का 'मूड' होता है, जो केवल संभावनाओं पर आधारित होता है।

एग्जिट पोल: यह ज्यादा विश्वसनीय माना जाता है, क्योंकि यह उन मतदाताओं के वास्तविक वोट पर आधारित होता है, जो अभी-अभी बूथ से बाहर निकले हैं। हालांकि, इतिहास गवाह है कि कई बार ये आंकड़े अंतिम नतीजों से बिल्कुल विपरीत भी साबित हुए हैं।

एग्जि पोल के सटीक आंकड़ों के लिए यहां जुड़ें (Where to Watch)

29 अप्रैल की शाम 6:00 बजे के बाद जैसे ही बंगाल में आखिरी मतदाता केंद्र से बाहर आएगा, रुझानों की बाढ़ आ जाएगी।

डिजिटल प्लेटफॉर्म: आप Moneycontrol.com और hindi.moneycontrol.com पर चारों राज्यों, खासकर असम और बंगाल के समीकरणों का गहन विश्लेषण देख सकते हैं।

टेलीविजन: लाइव कवरेज और अनुभवी विशेषज्ञों की राय के लिए CNN-News18 और News18 India पर ट्यून करें।

इन आंकड़ों से यह तस्वीर साफ हो जाएगी कि दक्षिण की सत्ता पर किसका कब्जा होगा और बंगाल व पूर्वोत्तर की जनता ने किसे अपना नायक चुना है।

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