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Kerala Elections 2026: चुनाव आयोग के लेटर पर 'BJP की मुहर' से भारी विवाद, केरल के CEO ने बताया 'क्लर्कियल मिस्टेक'

Kerala Assembly Elections 2026: भारतीय निर्वाचन आयोग (ECI) ने स्पष्ट किया है कि राजनीतिक दलों को लिखे अपने पत्र पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) की केरल इकाई की मुहर लगना 'पूरी तरह से एक क्लर्कियल मिस्टेक था, जिसे सुधार लिया गया है। इस मामले में केरल चुनाव आयोग के एक अधिकारी को निलंबित कर दिया गया है

Akhilesh Nath Tripathiअपडेटेड Mar 24, 2026 पर 9:02 AM
Kerala Elections 2026: चुनाव आयोग के लेटर पर 'BJP की मुहर' से भारी विवाद, केरल के CEO ने बताया 'क्लर्कियल मिस्टेक'
Kerala Assembly Elections 2026: चुनाव आयोग के आधिकारिक लेटर पर 'BJP की मुहर' से केरल में विवाद खड़ा हो गया है

Kerala Assembly Elections 2026: केरल में सोमवार (23 मार्च) को उस वक्त एक राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया, जब चुनाव आयोग (ECI) के एक लेटर पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) की प्रदेश इकाई की मुहर लगी पाई गई। इसके बाद मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रियाएं व्यक्त कीं। इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए केरल चुनाव आयोग ने कहा कि यह पूरी तरह एक 'क्लर्कियल मिस्टेक' था। केरल के CEO ने बताया कि गलती तो तुरंत सुधार लिया गया था।

यह विवाद उस वक्त सामने आया जब माकपा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर यह मुद्दा उठाया। इसने 19 मार्च 2019 को देश की राजनीतिक पार्टियों को भेजे गए एक लेटर के साथ संलग्न शपथपत्र शेयर किया। इस पर चुनाव आयोग की आधिकारिक मुहर की जगह केरल BJP की मुहर लगी हुई थी। माकपा ने इस मामले में कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "क्या BJP ने अब सारे दिखावे छोड़ दिए हैं?"

CPI(M) ने यह भी कहा, "यह कोई रहस्य नहीं है कि एक ही शक्ति केंद्र भारत निर्वाचन आयोग और BJP, दोनों को नियंत्रित करता प्रतीत होता है। फिर भी, कम से कम दो अलग-अलग डेस्क की औपचारिकता तो बनाए रखें।" पार्टी ने आरोप लगाया, "मुहरें यूं ही बदली जा रही हैं। निर्वाचन आयोग के पत्र पर BJP की मुहर!" इसने आगे टिप्पणी की, "पुराने आरोप की तरह कि आप कोई भी बटन दबाएं, कमल ही दिखाई देता है वैसा ही एक और संयोग सामने आया है।"

माकपा ने दावा किया कि यह दस्तावेज कई पार्टियों को प्राप्त हुआ था। कम से कम दो प्राप्तकर्ताओं से इसका मिलान (क्रॉस-वेरिफिकेशन) किया गया। पार्टी ने यह भी कहा कि कि ईमेल आयोग के एक आधिकारिक स्रोत से भेजा गया था।

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