Assam Election 2026: असम विधानसभा चुनाव 2026 की बिगुल बजने के बाद सामने आए एक ओपिनियन पोल के मुताबिक राज्य की जनता एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर भरोसा जता सकती है। CNN-News18 के मुताबिक, सर्वे एजेंसी Vote Tracker की ओर से किए गए ओपिनियन पोल के अनुसार BJP के नेतृत्व वाला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) असम में लगातार तीसरी बार निर्णायक जीत की ओर बढ़ रहा है। चुनाव-पूर्व आकलन के अनुसार, NDA 126-सदस्यीय असम विधानसभा में 80 से 90 सीटों पर जीत दर्ज कर सकती है। यह बहुमत के आंकड़े से काफी अधिक है।
इसके विपरीत, VoteVibe के Vote Tracker के अनुसार विपक्षी 'INDIA' गठबंधन को 29-39 सीटें मिलने की उम्मीद है। जबकि क्षेत्रीय और छोटी पार्टियां हाशिए पर ही रहने की भविष्यवाणी की गई है। क्षेत्रवार अनुमानों से पता चलता है कि NDA राज्य के अधिकांश हिस्सों में आगे है। विशेष रूप से ऊपरी असम, निचले असम और उत्तरी तट में उसकी बढ़त काफी मजबूत है।
ये भगवा पार्टी के व्यापक और समान रूप से फैले समर्थन आधार की ओर इशारा करता है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा NDA की संभावनाओं में एक केंद्रीय कारक बने हुए हैं। सर्वेक्षण में शामिल लगभग आधे लोगों (48%) ने सरमा को अपने पसंदीदा मुख्यमंत्री के रूप में नामित किया; वे कांग्रेस नेता गौरव गोगोई से आगे रहे, जिन्हें 37.7% समर्थन मिला।
सर्वे में NDA वोट शेयर के मामले में काफी आगे है। ओपिनियन पोल के मुताबिक, 42.7% उत्तरदाताओं ने सत्ताधारी NDA गठबंधन के प्रति समर्थन व्यक्त किया है। जबकि 36.1% ने विपक्ष का समर्थन किया। अहम बात यह है कि लोगों की राय NDA के पक्ष में दिख रही है। सर्वे के मुताबिक, 51.8% उत्तरदाताओं का मानना है कि अगली सरकार बनाने की सबसे अधिक संभावना NDA की ही है, जो उसके प्रतिद्वंद्वियों से काफी आगे है।
शासन के मामले में लोगों की राय काफी हद तक सकारात्मक रही। लगभग 50.6% वोटर्स ने बांग्लादेश से अवैध नागरिकों के खिलाफ CM हिमंता बिस्वा सरमा की अगुवाई वाली सरकार की कार्रवाई को 'अच्छा' या 'बहुत अच्छा" बताया। जबकि लगभग एक-चौथाई लोगों ने इस प्रदर्शन को औसत बताया। हालांकि, उनकी कार्रवाई को लेकर एक छोटे वर्ग ने असंतोष व्यक्त किया। कुल मिलाकर, सर्वेक्षण में शामिल 47% लोगों ने कहा कि वे राज्य सरकार के प्रदर्शन से संतुष्ट हैं। इससे यह दर्शाता है कि सत्ता-विरोधी लहर (anti-incumbency) ने NDA की स्थिति को खास कमजोर नहीं किया है।
कल्याणकारी योजनाओं का असर
यह सर्वेक्षण प्रमुख सामाजिक समूहों, विशेष रूप से SC, OBC और सवर्ण मतदाताओं के बीच NDA के लिए मजबूत समर्थन का संकेत देता है। कल्याणकारी योजनाएँ भी इस आधार को मज़बूत करती हुई दिख रही हैं। लगभग 42.8% लोगों का मानना है कि महिलाओं के लिए ₹9,000 की डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) योजना, सत्ताधारी गठबंधन के लिए समर्थन को और भी मज़बूत कर सकती है।
अपनी बढ़त के बावजूद सर्वे में बेरोजगारी को मतदाताओं की सबसे बड़ी चिंता के तौर पर दिखाया गया है। जबकि 25.7% लोगों ने इसे मुख्य मुद्दा बताया। इसके बाद बाढ़, पुनर्वास और भ्रष्टाचार से जुड़े मुद्दे आते हैं। NDA 18-24 साल के युवा मतदाताओं के बीच कुछ कमजोर भी नजर आया। युवाओं के बीच विपक्ष की पकड़ तुलनात्मक रूप से ज्यादा मजबूत लगती है।
हालांकि विपक्षी गठबंधन कुछ खास इलाकों में खासकर अल्पसंख्यक मतदाताओं एवं कुछ ग्रामीण क्षेत्रों में बीजेपी को कड़ी टक्कर दे रहा है। लेकिन सर्वे से पता चलता है कि वह अभी तक ऐसा कोई व्यापक गठबंधन नहीं बना पाया है जो पूरे राज्य में NDA को चुनौती दे सके। 2021 के विधानसभा चुनावों में BJP दूसरी बार सत्ता में लौटाी थी। असम की 126 सदस्यीय विधानसभा के लिए चुनाव नौ अप्रैल को होंगे। मतों की गिनती चार मई को की जाएगी।