केरलम विधानसभा चुनाव 2026 के मतदान के बाद सामने आए एग्जिट पोल के नतीजों ने राज्य में सत्ता परिवर्तन की सुगबुगाहट तेज कर दी है। आंकड़ों के अनुसार, कांग्रेस के नेतृत्व वाला UDF (यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट) बहुमत के आंकड़े को पार करता दिख रहा है, जबकि मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के नेतृत्व वाला LDF (लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट) सत्ता से बाहर हो सकता है।
सीटों का अनुमान: UDF को मिल सकता है बहुमत
केरलम की 140 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के लिए 71 सीटों की जरूरत होती है। News18 के Mega Exit Poll के मुताबिक, UDF को 70 से 80 सीटें मिलने का अनुमान है। वहीं, वर्तमान सत्ताधारी गठबंधन LDF को 58 से 68 सीटों पर संतोष करना पड़ सकता है। भाजपा के नेतृत्व वाले NDA को केवल 0 से 4 सीटें मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री की पसंद: पिनाराई विजयन अभी भी आगे
भले ही गठबंधन के तौर पर UDF बढ़त बनाए हुए है, लेकिन मुख्यमंत्री के रूप में व्यक्तिगत पसंद के मामले में पिनाराई विजयन अभी भी 31.8% वोटों के साथ सबसे आगे हैं। कांग्रेस के वी.डी. सतीशन 27.9% लोगों की पसंद के साथ दूसरे स्थान पर हैं।
प्रमुख चेहरे और लोकप्रियता:
इस चुनाव में केरलम की जनता के लिए महंगाई (16.1%) और बेरोजगारी (14.9%) सबसे बड़े चिंता के विषय रहे। इसके अलावा सबरीमाला मुद्दा (15.3%) और भ्रष्टाचार (14.3%) ने भी वोटरों के फैसले को प्रभावित किया है।
वोट बैंक का गणित: युवाओं और अल्पसंख्यकों का UDF को साथ
एग्जिट पोल के गहरे विश्लेषण से पता चलता है कि समाज के विभिन्न वर्गों ने अलग-अलग रुझान दिखाए हैं:
एग्जिट पोल के नतीजे बताते हैं कि 2016 से चली आ रही वामपंथ सरकार को इस बार तगड़ा झटका लग सकता है। हालांकि, UDF और LDF के वोट शेयर में केवल 3% का अंतर है, जो कि त्रुटि की गुंजाइश (Margin of Error) के बराबर है, इसलिए अंतिम परिणाम काफी रोमांचक हो सकते हैं।
2021 के केरलम विधानसभा चुनाव में सत्ताधारी लेफ्ट गठबंधन (LDF), जिसकी अगुवाई CPIM कर रही थी, ने शानदार जीत हासिल की। 140 सीटों वाली विधानसभा में LDF को 99 सीटें मिलीं, जिनमें से 62 सीटें अकेले CPI(M) के खाते में गईं, जिससे वह सबसे बड़ी पार्टी बनी।
उस दौरान एग्जिट पोल ने पहले ही संकेत दे दिया था कि LDF दोबारा सत्ता में लौट सकती है। यह इसलिए भी खास था क्योंकि केरलम में आमतौर पर हर चुनाव में सरकार बदलने का ट्रेंड रहा है।
Times Now/ABP News के लिए CVoter के सर्वे में LDF को 71 से 77 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया था, जो बहुमत के आसपास था। वहीं कांग्रेस के नेतृत्व वाले UDF को 62 से 68 सीटें मिलने की संभावना जताई गई, जबकि NDA को ज्यादा से ज्यादा 2 सीटें मिलने का अनुमान था।
Republic-CNX के एग्जिट पोल में पिनाराई विजयन के नेतृत्व वाले LDF को 72 से 80 सीटें मिलने का अनुमान था, यानी लगातार दूसरी बार जीत की संभावना जताई गई थी। UDF को 58 से 64 सीटें और NDA को 1 से 5 सीटें मिलने की बात कही गई थी।
वहीं Axis My India ने तो LDF की और भी बड़ी जीत का अनुमान लगाया था। उनके मुताबिक LDF को 104 से 120 सीटें मिल सकती थीं, जबकि UDF को 20 से 36 सीटें और NDA को 2 से ज्यादा सीटें मिलने की संभावना नहीं थी।