Keralam Assembly elections 2026: भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 9 अप्रैल को होने वाले केरलम विधानसभा चुनाव के लिए 39 उम्मीदवारों की दूसरी लिस्ट जारी कर दी है। गुरुवार (19 मार्च) को जारी दूसरी लिस्ट में अरनमुला सीट से पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं मिजोरम के पूर्व राज्यपाल कुम्मनम राजशेखरन को मैदान में उतारा गया है। पार्टी ने नट्टिला सीट से सी.सी. मुकंदन को अपना उम्मीदवार बनाया है। BJP द्वारा जारी लिस्ट के अनुसार, तनूर सीट से दीपक पुझक्कल और कासरगोड से अश्विनी एम.एल. चुनाव लड़ेंगे।
इसके अलावा धर्मदम से मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के खिलाफ के. रंजीत को मैदान में उतारा गया है। जबकि मंजरी सीट से पथमाश्री एम. और कोंगड सीट से रेनू सुरेश चुनाव लड़ेंगी। बीजेपी ने इससे पहले अपनी पहली लिस्ट में 47 उम्मीदवारों के नाम जारी किए थे। केरलम में विधानसभा की 140 सीटें हैं। साल 2021 में हुए चुनावों में वामपंथी गठबंधन लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) ने जीत हासिल की थी।
अब 86 उम्मीदवारों के नाम जारी
LDF ने इन चुनावों में 99 सीटों पर जीत हासिल की थी। जबकि कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन UDF को 41 सीटें मिली थीं। इससे पहले भारतीय जनता पार्टी ने चुनाव शेड्यूल जारी होने के तुरंत बाद आगामी केरलम विधानसभा चुनाव के लिए अपने 47 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट की घोषणा कर दी थी। इसी के साथ बीजेपी 140 में 86 उम्मीदवारों की घोषणा कर चुकी है।
केरलम में हाल में संपन्न स्थानीय निकाय चुनाव में राज्य में निगम में अपनी पहली जीत से उत्साहित BJP, नेमोम निर्वाचन क्षेत्र में मुकाबले के लिए पूरी तरह तैयार है। इसमें तिरुवनंतपुरम शहर और उसके बाहरी इलाके के कुछ हिस्से आते हैं।
इस सीट से बीजेपी को राज्य से अपना पहला विधायक मिला था जब उसके वरिष्ठ नेता ओ राजगोपाल ने 2016 के विधानसभा चुनाव में यहां से जीत दर्ज की थी। भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने चुनाव की घोषणा से काफी पहले ही नेमोम निर्वाचन क्षेत्र से अपनी दावेदारी जता दी थी। अब 2026 के चुनाव में उनका लक्ष्य सिर्फ जीत हासिल करना है।
नेमोम में 2016 और 2021 के विधानसभा चुनावों के मतदान रुझानों की तुलना से पता चलता है कि तीनों प्रमुख मोर्चों के समर्थन आधार में बदलाव आया है। इस दौरान भारतीय जनता पार्टी का वोट शेयर 2016 के उच्च स्तर से घटा, जबकि वाम दलों और कांग्रेस ने अपनी स्थिति मजबूत की।
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के वरिष्ठ नेता और मौजूदा विधायक वी. शिवनकुट्टी ने कहा है कि भाजपा इस निर्वाचन क्षेत्र में अपना खाता दोबारा नहीं खोल पाएगी। उन्होंने कांग्रेस पर नेमोम में BJP के साथ समायोजन की राजनीति करने का आरोप लगाया। यहां कांग्रेस ने अभी तक किसी उम्मीदवार की घोषणा नहीं की है।
माकपा लंबे समय से कांग्रेस पर 2016 में क्रॉस-वोटिंग का आरोप लगाती रही है। उसका दावा है कि उसके चलते ही BJP के वरिष्ठ नेता राजगोपाल पहली बार यह सीट जीतने में सफल रहे थे। हालांकि, 2021 के चुनाव में, शिवनकुट्टी ने केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन द्वारा एक चुनावी रैली में कहे गए कथन को सच कर दिखाया कि वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) उक्त चुनाव में भाजपा की एकमात्र सीट भी छीन लेगा।
शिवनकुट्टी ने BJP के के. राजशेखरन के खिलाफ 4,000 से अधिक वोट से जीत हासिल की थी। उन्हें उम्मीद है कि इस बार भी उन्हें आसानी से जीत मिलेगी। इसका कारण वे राज्य और निर्वाचन क्षेत्र दोनों में एलडीएफ सरकार द्वारा किए गए विकास कार्यों को बता रहे हैं। हालांकि, चंद्रशेखर को पार्टी के गढ़ में अपनी जीत का पूरा भरोसा है।