पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव को लेकर राज्य में हलचल मची हुई। इस बीच कई हिंसक झड़प और हत्याएं भी सामने आ रहे है। कूच बिहार जिले के मथाभंगा इलाके में हुई दोहरी हत्या ने राज्य की राजनीति में नया तूफान खड़ा कर दिया है। इस मामले को लेकर राज्य के नेता प्रतिपक्ष शुवेंदु अधिकारी ने TMC पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया है कि यह कोई पारिवारिक या ग्रामीण विवाद नहीं, बल्कि एक सुनियोजित राजनीतिक हत्या है।
दअरसल, यह घटना गुरुवार (25 दिसंबर) की सुबह कूच बिहार के मथाभंगा के हजराहट इलाके की है। आरोप है कि सिकदर परिवार के सदस्यों ने सरकार परिवार पर धारदार हथियारों से हमला कर दिया। इस हमले में मानव सरकार और उनके बेटे यादव सरकार की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि सरकार परिवार के छह अन्य सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
इस घटना के बाद विपक्षी नेता शुवेंदु अधिकारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने पुलिस और राज्य सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस पूरे मामले को दबाने की कोशिश कर रही है। शुवेंदु अधिकारी ने कहा, "सुबह हम पीड़ित परिवार से मिलने जा सकते थे, लेकिन जैसे-जैसे दिन बढ़ा, पूरे इलाके को पुलिस ने घेर लिया। हमारे नेताओं को परिवार से मिलने नहीं दिया जा रहा। सच को छुपाने की कोशिश हो रही है।"
इसके साथ ही, शुवेंदु अधिकारी ने यह भी दावा किया कि मृतक मानव सरकार भारतीय जनता पार्टी के सक्रिय कार्यकर्ता थे। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने मानव सरकार और यादव सरकार के भाजपा सदस्यता पंजीयन नंबर भी दिखाए। उनके अनुसार, मानव सरकार उस क्षेत्र में भाजपा युवा मोर्चा के मंडल उपाध्यक्ष भी थे। शुवेंदु ने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि इस हत्या में तृणमूल से जुड़े लोग शामिल हैं। उन्होंने कहा, "मैं जिम्मेदारी से कह रहा हूं कि यह हत्या तृणमूल कार्यकर्ताओं द्वारा की गई है।"
हालांकि, इस मामले में एक अलग कहानी भी सामने आई है। मृतक यादव सरकार के बहनोई बिजय सरकार ने दावा किया है कि यह घटना प्रेम संबंध से जुड़ा विवाद है। उन्होंने कहा कि यादव सरकार का सिकदर परिवार की बेटी से प्रेम संबंध था और बुधवार को दोनों के मिलने के बाद तनाव शुरू हुआ, जो गुरुवार सुबह हिंसा में बदल गया।
फिलहाल, इस पूरे मामले पर TMC की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। लेकिन जिस तरह से घटना को लेकर राजनीतिक आरोप लगाए जा रहे हैं, उससे साफ है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा चुनावी राजनीति में बड़ा हथियार बन सकता है।
पश्चिम बंगाल में पहले से ही कानून-व्यवस्था, राजनीतिक हिंसा और सुरक्षा जैसे मुद्दों को लेकर माहौल गरम है। ऐसे में कूच बिहार की यह घटना आगामी विधानसभा चुनाव से पहले सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव को और तेज कर सकती है।