ED Raid in Kolkata: बंगाल चुनाव से पहले कोलकाता में ईडी की बड़ी कार्रवाई, 'सन एंटरप्राइज' के MD जॉय कामदार को हिरासत में लिया

ED Raid in Kolkata: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के तहत रविवार (19 अप्रैल) को कोलकाता पुलिस के डिप्टी कमिश्नर शांतनु सिन्हा बिस्वास और स्थानीय कारोबारी 'सन एंटरप्राइज' नामक कंपनी के MD जॉय कामदार के कोलकाता स्थित ठिकानों पर छापेमारी की। बाद में कामदार को हिरासत में ले लिया गया

अपडेटेड Apr 19, 2026 पर 4:38 PM
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ED Raid in Kolkata: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले कोलकाता में ED ने बड़ी कार्रवाई की है

ED Raid in Kolkata: पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 से ठीक पहले प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने रविवार (19 अप्रैल) को मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में कोलकाता में छापेमारी कर बड़ी कार्रवाई की है। ED ने 'सन एंटरप्राइज' के मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) जॉय कामदार को हिरासत में ले लिया है। एजेंसी उन्हें CGO कॉम्प्लेक्स स्थित ED दफ्तर लेकर गई है। ED ने रविवार को मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में कोलकाता पुलिस के डिप्टी कमिश्नर शांतनु सिन्हा बिस्वास और स्थानीय कारोबारी जॉय कामदार के कोलकाता स्थित ठिकानों पर छापे मारे।

कोलकाता पुलिस के डिप्टी कमिश्नर बिस्वास और 'सन एंटरप्राइज' के मैनेजिंग डायरेक्टर जॉय कामदार से जुड़े तीन ठिकानों पर ED तलाशी अभियान चला रही है। इन तीन जगहों में से दो शांतनु सिन्हा बिस्वास की हैं। जबकि एक कामदार की है। ये छापे 'सोना पप्पू और जय कामदार' मामले में मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत मारे जा रहे हैं।

जॉय कामदार को हिरासत में लिए जाने पर उनके वकील सुब्रत सरकार ने ANI से कहा, "हमें इसका कारण नहीं बताया गया। उन्हें यहां (CGO कॉम्प्लेक्स स्थित ED दफ्तर) इसलिए लाया गया क्योंकि उन्हें समन भेजा गया था। एक वित्तीय मामले के संबंध में उन्हें एक नोटिस जारी किया गया था। इसी वजह से उन्हें यहां लाया गया।"


अधिकारियों ने बताया कि छापेमारी की यह कार्रवाई पश्चिम बंगाल में एक कथित अपराधी और उससे संबंधित गिरोह के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के तहत की गई। अधिकारियों ने बताया कि बालीगंज क्षेत्र स्थित बिस्वास के आवास सहित उनसे संबंधित दो परिसरों और 'सन एंटरप्राइज' नामक कंपनी के MD जॉय कामदार के एक परिसर पर PMLA के प्रावधानों के तहत छापा मारा गया।

सूत्रों ने बताया कि बाद में कामदार को अधिकारियों द्वारा पूछताछ के लिए स्थानीय ईडी कार्यालय ले जाया गया। उन्होंने बताया कि पश्चिम बंगाल और कोलकाता पुलिस कल्याण समिति के मुख्य समन्वयक और नोडल अधिकारी बिस्वास अपने परिसर में मौजूद नहीं थे।

किस मामले में हुई कार्रवाई?

यह कार्रवाई बिस्वजीत पोद्दार उर्फ ​'सोना पप्पू' नामक एक कथित स्थानीय अपराधी के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के मामले से जुड़ी है। उस पर हत्या के प्रयास और वसूली के आरोपों में कई मामले दर्ज हैं। जांच एजेंसी ने इस मामले में एक अप्रैल को पहली बार छापेमारी की थी। उस समय ED ने तलाशी के दौरान कुछ परिसरों से 1.47 करोड़ रुपये कैश, 67.64 लाख रुपये के सोने एवं चांदी के आभूषण और एक देसी रिवॉल्वर जब्त की थी।

यह जांच दंगा करने, हत्या का प्रयास, आपराधिक साजिश रचने और शस्त्र अधिनियम के उल्लंघन के आरोप में पोद्दार के खिलाफ दर्ज FIR से जुड़ी है। ED ने 9 अप्रैल को एक बयान में कहा था कि पोद्दार एवं अन्य आरोपी पश्चिम बंगाल राज्य में संगठित आपराधिक गिरोह की गतिविधियों में शामिल थे। एजेंसी के मुताबिक, वे गिरोह के संचालन के माध्यम से अवैध रूप से धन जुटाते थे।

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पोद्दार कोलकाता के गोलपार्क के पास कंकुलिया रोड पर हुई हिंसा के एक मामले में भी वांछित है। वह फिलहाल फरार है। ईडी ने पोद्दार को समन जारी किया है। लेकिन एजेंसी के अनुसार वह अब तक जांच में शामिल नहीं हुआ है। बता दें कि पश्चिम बंगाल में 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को दो चरणों में विधानसभा चुनाव होना है।

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