West Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में बुधवार (29 अप्रैल) को हुए मतदान के दूसरे चरण के दौरान EVM से कथित छेड़छाड़ की 77 शिकायतें मिली हैं। चुनाव आयोग आज (30 अप्रैल) इन इलाकों में दोबारा वोटिंग कराने को लेकर फैसला कर सकता है। शिकायतों में आरोप लगाया गया था कि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVM) के बटनों पर काली टेप चिपकाने वाले पदार्थ, स्याही और यहां तक कि परफ्यूम के निशान थे।
पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) मनोज अग्रवाल ने कहा कि चुनाव आयोग उन मतदान केंद्रों पर दोबारा मतदान का आदेश देगा जहां टेप या स्याही का उपयोग करके EVM से छेड़छाड़ करने के आरोप सही पाए जाएंगे।
चुनाव आयोग (ECI) के सूत्रों के अनुसार, ये शिकायतें फलता, मगराहाट, डायमंड हार्बर और बज-बज विधानसभा क्षेत्रों से आई थीं। फाल्टा एक बड़ा राजनीतिक टकराव का केंद्र बनकर उभरा हैं। वहां से 32 शिकायतें मिलीं। इसके बाद डायमंड हार्बर (29), मगराहाट (13) और बज-बज (3) का नंबर आता है।
अधिकारियों ने बताया कि 23 मामलों की पहली नजर में पुष्टि हो गई है, जिनमें से 20 मामले फाल्टा के हैं। 'इंडिया टुडे' को सूत्रों ने बताया कि सभी शिकायतों की जांच करने के बाद, चुनाव आयोग से उम्मीद है कि वह अपनी पूर्ण पीठ की बैठक में इन नतीजों की समीक्षा करेगा। फिर यह फैसला करेगा कि कहां और कब दोबारा वोटिंग कराई जानी चाहिए।
बंगाल के CEO ने कहा कि EVM में टेप या स्याही से छेड़छाड़ के आरोपों पर जिला निर्वाचन अधिकारी या चुनाव पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट का परीक्षण करने के बाद ही पुनर्मतदान का आदेश दिया जाएगा। मनोज अग्रवाल का बयान ऐसे समय में आया है जब भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने आरोप लगाया है कि बुधवार को दूसरे एवं आखिरी चरण के मतदान के दौरान कुछ मतदान केंद्रों में उसके चुनाव चिह्न को टेप से ढ़क दिया गया या उस पर स्याही डाल दी गई।
BJP के आईटी प्रकोष्ठ के प्रमुख अमित मालवीय ने X पर एक वीडियो शेयर करते हुए दावा किया कि फाल्टा विधानसभा क्षेत्र के मतदान केंद्र संख्या 144 और 189 पर पार्टी के चिह्न पर सफेद टेप लगा दिया गया है। मालवीय ने इन मतदान केंद्रों पर पुनर्मतदान की मांग की। इस पर अग्रवाल ने पत्रकारों से कहा, "जहां कहीं भी हमें (ईवीएम पर) टेप लगा मिला या ईवीएम के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ पाई गई, वहां हम दोबारा मतदान कराएंगे। हम बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करने की नीति का पालन करेंगे।"
उन्होंने कहा कि प्रारंभिक जांच में मतदान अधिकारियों द्वारा मशीनों के संचालन के दौरान किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ का कोई संकेत नहीं मिला है, जिसमें 'मॉक पोल' भी शामिल हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि मानक संचालन प्रक्रियाओं के अनुसार, EVM को संभालने की जिम्मेदारी केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की होती है। उन्होंने कहा कि कथित घटनाएं मतदान के दौरान हुई होंगी।
अग्रवाल ने कहा कि दोषी पाए जाने वालों को कानून के अनुसार कड़ी से कड़ी सजा दी जाएगी। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा अपने भवानीपुर निर्वाचन क्षेत्र के कुछ हिस्सों में पुलिस और केंद्रीय बलों की ‘अत्यधिक सक्रियता’ के आरोप पर अग्रवाल ने कहा कि सुरक्षाकर्मियों ने अपने आकलन के अनुसार कार्रवाई की।
निर्वाचन आयोग ने बताया कि बुधवार को जिन 142 विधानसभा क्षेत्रों में मतदान हुआ, वहां से अब तक विभिन्न प्रकार की 2,196 शिकायतें प्राप्त हुई हैं। पहले चरण में 23 अप्रैल को 152 सीटों पर मतदान हुआ था। परिणाम चार मई को घोषित किए जाएंगे।