चुनाव का मौसम है और बंगाल के वोटरों के सामने कई तरह के मुद्दे सामने हैं- कुछ स्थानीय, कुछ राष्ट्रीय और कुछ तो अंतरराष्ट्रीय स्तर के भी। लेकिन इस बार मामला थोड़ा अलग नजर आ रहा है। ऐसा लग रहा है कि राजनीति अब आम जनता के बुनियादी मुद्दों से कहीं और ही भटक गई है। अब वोटरों से यह सोचने को कहा जा रहा है कि अगर राज्य में सत्ता बदल गई, तो उनकी थाली में मिलने वाली मछली और मटन का क्या होगा? यानी असली मुद्दों से हटकर, अब लोगों के खाने-पीने तक को चुनावी बहस का हिस्सा बनाया जा रहा है।
