पश्चिम बंगाल में BLO की आत्महत्या पर मुआवजे की मांग, CEO ऑफिस के बाहर जमकर हुआ विरोध प्रदर्शन

विरोध प्रदर्शन के कारण दोपहर को CEO ऑफिस के बाहर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्रदर्शन कर रहे BLO का कहना था कि उनके साथी की मौत के 50 दिन बाद भी सरकार या चुनाव आयोग की तरफ से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। उनका आरोप है कि SIR प्रक्रिया के दौरान काम का दबाव बहुत ज्यादा है और प्रशासन उनकी समस्याओं को नजरअंदाज कर रहा है

अपडेटेड Jan 12, 2026 पर 8:30 PM
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पश्चिम बंगाल में BLO की आत्महत्या पर मुआवजे की मांग, CEO ऑफिस के बाहर जमकर हुआ विरोध प्रदर्शन

पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर पहले से ही राजनीतिक तनाव बना हुआ है। इसी बीच मुर्शिदाबाद में एक BLO की आत्महत्या के बाद हालात और गंभीर हो गए हैं। मृत BLO के परिवार को मुआवजा देने की मांग को लेकर सोमवार (12 जनवरी) को बड़ी संख्या में BLO ने CEO ऑफिस के बाहर जमा हो गए और जमकर विरोध प्रदर्शन किया।

विरोध प्रदर्शन के कारण दोपहर को CEO ऑफिस के बाहर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्रदर्शन कर रहे BLO का कहना था कि उनके साथी की मौत के 50 दिन बाद भी सरकार या चुनाव आयोग की तरफ से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। उनका आरोप है कि SIR प्रक्रिया के दौरान काम का दबाव बहुत ज्यादा है और प्रशासन उनकी समस्याओं को नजरअंदाज कर रहा है।

वहीं, प्रदर्शन के दौरान एक BLO काफी भावुक हो गया और उसने मीडिया के सामने आत्महत्या की धमकी तक दे डाली। उसने कड़े शब्दों में कहा, "अगर प्रशासन को एक और बलिदान चाहिए तो मैं दे दूंगा। मैं बलिदान कर दूंगा। मैं अपने गले में रस्सी डालकर फांसी लगा लूंगा। मैं आत्महत्या कर लूंगा।" हालांकि, मौके पर पुलिस मौजूद रही और स्थिति को संभाला।


बता दे कि शनिवार को भी एक 47 साल के BLO हमीमुल इस्लाम ने आत्महत्या कर ली। वे पैकमरी चार कृष्णपुर बॉयज प्राइमरी स्कूल में शिक्षक और खारिबोना ग्राम पंचायत के अंतर्गत पुरबा अलापुर गांव में एक बूथ पर BLO पद पर थे।

BLO का आरोप है कि SIR प्रक्रिया में उन्हें बहुत दबाव में काम करना पड़ रहा है। कई जगहों पर लोगों के दस्तावेजों को लेकर विवाद हो रहा है, धमकियां मिल रही हैं और प्रशासनिक समर्थन भी कमजोर है। ऐसे माहौल में उनके एक साथी की आत्महत्या ने सभी को हिला कर रख दिया है। प्रदर्शनकारी BLO चाहते हैं कि मृतक के परिवार को तुरंत मुआवजा दिया जाए और SIR से जुड़े कामकाज की समीक्षा की जाए।

इसी बीच SIR को लेकर कानूनी लड़ाई भी तेज हो गई है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) की ओर से इस प्रक्रिया के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी। उस पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को नोटिस जारी किया है और एक हफ्ते के भीतर जवाब देने को कहा है। TMC का आरोप है कि SIR के जरिए वैध मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं और इससे चुनाव की निष्पक्षता प्रभावित हो सकती है।

राज्य में आने वाले कुछ महीनों में विधानसभा चुनाव होने हैं और ऐसे में मतदाता सूची से जुड़ा यह विवाद बहुत अहम हो गया है। तृणमूल कांग्रेस लगातार कह रही है कि SIR के नाम पर भाजपा और चुनाव आयोग मिलकर बंगाल के वोटरों को परेशान कर रहे हैं।

BLO की आत्महत्या और उसके बाद का विरोध प्रदर्शन इस पूरे मामले को और संवेदनशील बना दिया है। एक तरफ प्रशासनिक दबाव और कर्मचारियों की नाराजगी है, दूसरी तरफ राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला भी लगातार जारी है।

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