West Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल में चुनाव को देखते हुए मोटरबाइक पर बैन लगा दिया गया है। चुनाव आयोग ने 23 अप्रैल को होने वाली वोटिंग से दो दिन पहले शाम 6 बजे से सुबह 6 बजे तक मोटरबाइक की आवाजाही पर रोक लगा दी है। हालांकि, इसमें इमरजेंसी और पारिवारिक जरूरतों को छूट दी गई है। ECI ने साफ तौर पर कहा है कि मोटरबाइक पर कोई रैली नहीं निकाली जाएगी।
एक बयान में कहा गया है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण (23 अप्रैल) से पहले स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए मोटरसाइकिलों के उपयोग पर सख्त प्रतिबंध लगाए गए हैं। इस बार आयोग ने एक कदम आगे बढ़ते हुए राज्य में बाइक राइडिंग पर विशेष निगरानी और नियंत्रण के निर्देश दिए हैं।
मंगलवार को जारी नोटिफिकेशन में आयोग ने मोटरसाइकिल रैलियों और बेवजह बाइक चलाने पर कड़ी कार्रवाई की बात कही है। आयोग का मानना है कि चुनाव के दौरान बाइक जुलूसों का इस्तेमाल दबदबा बनाने और मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए किया जा सकता है, जिससे उनकी सुरक्षा पर भी असर पड़ता है।
चुनाव आयोग के अनुसार, इन कदमों का उद्देश्य मतदाताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। आदेश के मुताबिक, संवेदनशील इलाकों में चुनाव से दो दिन पहले बाइक रैलियों और मोटरसाइकिल जुलूसों पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। इसके अलावा, हर दिन शाम 6 बजे से सुबह 6 बजे तक मोटरसाइकिल चलाने पर भी रोक लगाई गई है। हालांकि, इमरजेंसी मेडिकल सेवाओं या पारिवारिक जरूरतों के लिए छूट दी गई है।
इतना ही नहीं, चुनाव आयोग ने पिलियन राइडिंग (बाइक पर पीछे बैठने) पर भी सख्ती की है। नोटिफिकेशन के अनुसार, चुनाव से दो दिन पहले सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक किसी भी बाइक पर पीछे बैठकर यात्रा करने की अनुमति नहीं होगी। हालांकि, इस मामले में भी स्कूल जाने वाले बच्चों, मेडिकल जरूरतों या पारिवारिक आवश्यकताओं के लिए छूट दी गई है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी को विशेष छूट की आवश्यकता है, तो संबंधित व्यक्ति को नजदीकी पुलिस स्टेशन से लिखित अनुमति लेनी होगी।
आयोग ने कहा कि उसका मकसद निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और हिंसा-मुक्त चुनाव करवाना है। इसी मकसद से, चुनाव आयोग ने पहले राज्य में शराब पर बैन की अवधि को दोगुना कर दिया था। आम तौर पर 48 घंटे का बैन होता है, जिसे बढ़ाकर 96 घंटे कर दिया गया है। यह बैन रविवार से लागू हो गया है।
19 अप्रैल को जारी एक बयान में चुनाव आयोग ने कहा था, "यह देखा गया है कि शराब की बिक्री में अचानक से भारी बढ़ोतरी हुई है।" ECI इस नतीजे पर कई स्रोतों से मिली जानकारी के आधार पर पहुंचा है, जिसमें शराब की बिक्री पर नजर रखने वाली रिपोर्ट भी शामिल है।
चुनाव आयोग ने बताया कि अप्रैल महीने में शराब की बिक्री पिछले साल इसी समय के मुकाबले अधिक हुई है। साथ ही, जिला प्रशासन और पुलिस को इन निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है। पश्चिम बंगाल की 294 विधानसभा सीटों पर दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को मतदान होगा। कोलकाता में दूसरे चरण में वोटिंग होगी। जबकि मतगणना 4 मई को की जाएगी।