West Bengal Election: नाराजगी के बीच मतुआ समाज पर क्या बोले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

नदिया और आसपास के इलाकों में मतुआ समुदाय की बड़ी आबादी रहती है। हाल के दिनों में SIR प्रक्रिया के बाद बड़ी संख्या में मतुआ मतदाताओं के नाम 'अनमैप्ड' श्रेणी में डाले जाने से समुदाय में डर और असमंजस का माहौल बना हुआ है। लोगों को आशंका है कि कहीं उनका मतदान अधिकार न छिन जाए

अपडेटेड Dec 20, 2025 पर 7:47 PM
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West Bengal Election: नाराजगी के बीच मतुआ समाज पर क्या बोले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले मतुआ समाज की नाराजगी एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनती जा रही है। इसी बीच शनिवार (20 दिसंबर) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नदिया जिले के मतुआगढ़ इलाका में आयोजित एक कार्यक्रम को वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया। घने कोहरे के कारण प्रधानमंत्री वहां प्रत्यक्ष रूप से नहीं पहुंच सके, लेकिन उनके संबोधन पर मतुआ समाज की खास नजर रही।

दरअसल, नदिया और आसपास के इलाकों में मतुआ समुदाय की बड़ी आबादी रहती है। हाल के दिनों में SIR प्रक्रिया के बाद बड़ी संख्या में मतुआ मतदाताओं के नाम 'अनमैप्ड' श्रेणी में डाले जाने से समुदाय में डर और असमंजस का माहौल बना हुआ है। लोगों को आशंका है कि कहीं उनका मतदान अधिकार न छिन जाए। ऐसे में मतुआ समाज के लोग यह उम्मीद कर रहे थे कि प्रधानमंत्री इस मुद्दे पर कुछ बात कहेंगे।

PM मोदी ने अपने संबोधन में नदिया की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख किया। उन्होंने कहा, "मतुआ समाज हमेशा समाज कल्याण के भाव को आगे बढ़ाया है। हरिचंद ठाकुर ने हमे कर्म का मर्म दिखाया और गुरुचर ठाकुर ने कलम थमाई और बोरो मां ने अपना मातृत्व बरसाया, इन महान लोगों को नमन करता हूं।"

प्रधानमंत्री ने मतुआ समाज की भूमिका की सराहना करते हुए, श्री हरिचंद ठाकुर, श्री गुरूचांद ठाकुर और बोरो मां का नाम लेते हुए कहा कि मतुआ समाज ने हमेशा कर्म, शिक्षा और मातृत्व के मूल्यों को आगे बढ़ाया है। इन शब्दों को मतुआ समुदाय के प्रति सम्मान के रूप में देखा जा रहा है।

हालांकि, नागरिकता और SIR को लेकर उठ रही चिंताओं पर प्रधानमंत्री ने सीधे कोई विस्तृत आश्वासन नहीं दिया। इसके बजाय उन्होंने इस मुद्दे को लेकर TMC पर हमला बोलाPM ने कहा कि TMC घुसपैठियों को बचाने के लिए पूरा जोर लगा रही हैउन्होंने कहा, "जब BJP घुसपैठियों का सवाल उठाती है, तो TMC के नेता हमें गालियां देते हैंमैने देखा है सोशल मीडिया पर 'गो बैक मोदी' के बोर्ड लगाए जा रहे हैंअच्छा होता अगर बंगाल की हर गली में लिखा होता 'गो बैक घुसपैठिए'।"


प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि जिन घुसपैठियों ने बंगाल पर कब्जा करने की ठान रखी है, वे TMC को सबसे ज्यादा प्रिय हैंउन्होंने यह भी कहा कि TMC इसी वजह से SIR प्रक्रिया का विरोध कर रही है

बता दे कि मतुआ समाज की नाराजगी SIR प्रक्रिया से जुड़ी हैइस प्रक्रिया में 2002 की मतदाता सूची को आधार बनाया गया हैमतुआ समुदाय के कई लोगों के पास उस समय के दस्तावेज़ नहीं हैं, क्योंकि बड़ी संख्या में लोग बाद में यहां बसे थेअब उन्हें सुनवाई के लिए बुलाया जा रहा है, जिससे नाम कटने का डर बढ़ गया है

मतुआ वोट बैंक बंगाल चुनाव में बेहद अहम हैऐसे में प्रधानमंत्री का यह संबोधन चुनावी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा हैहालांकि, मतुआ समाज अब भी यह इंतजार कर रहा है कि उनकी नागरिकता और वोटिंग अधिकार को लेकर ठोस भरोसा कब और कैसे मिलेगा।

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