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Happy Birthday A.R Rahman: क्यों कहते हैं A.R Rahman को सुरों का जादूगर? जानिए कैसे बने ग्लोबल म्यूजिक आइकन

A.R Rahman Birthday: ए.आर. रहमान का जन्मदिन हर संगीत प्रेमी के लिए उत्सव का दिन है। 6 जनवरी 1967 को चेन्नई में जन्मे ए.आर. रहमान ने कठिनाइयों से लड़ते हुए भारतीय संगीत की दुनिया को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।

Shradha Tulsyanअपडेटेड Jan 06, 2026 पर 8:51 AM
Happy Birthday A.R Rahman: क्यों कहते हैं A.R Rahman को सुरों का जादूगर? जानिए कैसे बने ग्लोबल म्यूजिक आइकन

भारत के महान संगीतकार ए.आर. रहमान आज अपना 59वां जन्मदिन मना रहे हैं। 6 जनवरी 1967 को चेन्नई (तब मद्रास) में जन्मे रहमान का जीवन किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। बचपन में ही पिता आर.के. शेखर के निधन के बाद परिवार पर आर्थिक संकट आ गया। महज 11 साल की उम्र में रहमान ने विज्ञापन जिंगल्स और छोटे-मोटे काम करके घर चलाने की जिम्मेदारी उठाई। यही कठिन दौर उनके भीतर संगीत के प्रति अनुशासन और धैर्य की नींव बना गया।

शुरुआती संघर्ष और संगीत की नींव

रहमान का बचपन दर्द और मेहनत से भरा था। पिता आर.के. शेखर, तमिल सिनेमा के मशहूर संगीतकार, के निधन के बाद परिवार की आर्थिक स्थिति डगमगा गई। किशोरावस्था में ही स्कूल छोड़कर उन्होंने कीबोर्ड बजाना शुरू किया और इलैयाराजा जैसे दिग्गजों के साथ काम किया। इस दौरान उन्होंने साउंड डिजाइन, ऑर्केस्ट्रेशन और म्यूजिक टेक्नोलॉजी सीखी। मद्रास के छोटे से स्टूडियो में घंटों रियाज करते हुए उन्होंने धैर्य और अनुशासन की मिसाल कायम की। 1989 में इस्लाम अपनाने के बाद उनका नाम ए.आर. रहमान पड़ा, जो 'अल्लाह रक्खा' का प्रतीक बना।

कैसे बने ग्लोबल म्यूजिक आइकन

1992 में मणि रत्नम की फिल्म 'रोजा' ने रहमान को राष्ट्रीय पहचान दी। क्लासिकल भारतीय रागों को इलेक्ट्रॉनिक बीट्स के साथ मिलाकर उन्होंने एक नया धुन पैदा किया, जो भावुक और सिनेमाई था। इसके बाद 'बॉम्बे', 'दिल से', 'रंगीला' और 'ताल' जैसी फिल्मों ने फिल्म संगीत की नई भाषा गढ़ी। 'लगान' (2001) ने तो बॉलीवुड को पहला ऑस्कर नामांकन दिलाया। रहमान ने कभी हिट गाने का पीछा नहीं किया, बल्कि हर धुन से एक नई दुनिया बसाई।

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