बॉलीवुड के मिस्टर परफेक्शनिस्ट आमिर खान ने सनी देओल स्टारर 'लाहौर 1947' के टाइटल को लेकर सोशल मीडिया पर फैली अफवाहों को सिरे से खारिज कर दिया। सोमवार को एक बयान जारी कर उन्होंने स्पष्ट कहा कि फिल्म का नाम 'बंटवारा 1947' या किसी अन्य में नहीं बदला जाएगा। यह खबर तब फैली जब कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि भारत-पाक तनाव के चलते नाम बदलने पर विचार हो रहा है।
आमिर ने कहा, 'ये अफवाहें बेबुनियाद हैं। हमने कभी टाइटल पर विचार नहीं किया। फिल्म 1947 के बंटवारे की सच्ची कहानी पर आधारित है, और 'लाहौर 1947' नाम ही इसकी आत्मा को दर्शाता है। रिलीज डेट पर भी कोई बदलाव नहीं।' राजकुमार संतोषी के निर्देशन में बनी यह पीरियड ड्रामा असगर वजाहत के प्ले 'जिस लाहौर नई देख्या, ओ जमीई नई' से प्रेरित है। कहानी एक मुस्लिम परिवार के लाहौर प्रवास और हिंदू हवेली के इर्दगिर्द घूमती है।
फिल्म में सनी देओल लीड रोल में हैं, जिनका 'गदर' सीरीज के बाद यह दूसरा पार्टीशन ड्रामा है। प्रीति जिंटा, शबाना आजमी, करण देओल, अली फजल और अभिमन्यु सिंह जैसे कलाकार भी हैं। आमिर प्रोड्यूसर हैं और स्पेशल रोल में नजर आएंगे। शूटिंग 2025 में मुंबई, लाहौर रीक्रिएटेड सेट्स और राजस्थान में हुई। VFX से बंटवारे की भयावहता को रिक्रिएट किया गया है। मूल रूप से 15 अगस्त 2026 को रिलीज प्लान है, जो स्वतंत्रता दिवस पर फिट बैठता है।
आमिर का यह स्टैंड साबित करता है कि सच्ची कहानी पर कोई समझौता नहीं। ट्रेलर जल्द रिलीज होने की उम्मीद। दर्शक अब क्लियर अपडेट्स का वेट कर रहे। आमिर खान का यह बयान न केवल फिल्म से जुड़ी अफवाहों को खत्म करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि निर्माता अपनी रचनात्मक दृष्टि और फिल्म की आत्मा के साथ कोई समझौता नहीं करना चाहते। ‘लाहौर 1947’ अब अपने मूल नाम के साथ ही दर्शकों के सामने आएगी और विभाजन की उस ऐतिहासिक कहानी को बड़े पर्दे पर जीवंत करेगी।