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Shagufta Rafique: कभी बार डांसर...तो कभी देह व्यापार कर किया गुजारा, शेम से फेम तक का ऐसा रहा शागुफ्ता का सफर

Shagufta Rafique: एक हिट फिल्म देकर एक्टर रातोंरात सुपरस्टार बन जाता है। उसका चेहरा दुनिया पहचानने लगती हैं। इसका बेस्ट उदाहरण हलिया रिलीज हुई फिल्म 'सैयारा' की स्टार कास्ट हैं। अहान पांडे-अनीत पड्डा को हर कोई जानने लगा है। लेकिन हिट फिल्म के पीछे का मेन हीरो होता है उनकी कहानी लिखने वाला है। शानदार लेखिका शागुफ्ता रफीक की कहानी भी कुछ ऐसी ही फिल्मी है...

Moneycontrol Hindi Newsअपडेटेड Jul 25, 2025 पर 2:15 PM
Shagufta Rafique: कभी बार डांसर...तो कभी देह व्यापार कर किया गुजारा, शेम से फेम तक का ऐसा रहा शागुफ्ता का सफर

Shagufta Rafique: 'वो लम्हे', 'मर्डर 2', 'जन्नत 2', 'आशिकी 2' जैसी शानदार फिल्मों का लेखन करने वाली लेखिका शागुफ्ता रफीक का नाम आज हर कोई जानता है। लेकिन एक वक्त ऐसा भी था जब आर्थिक परेशानियों से जूझते हुए शागुफ्ता को कई ऐसे काम करने पड़े, जिन्हें समाज में कलंक का दर्जा दिया जाता है। शागुफ्ता की शेम से फेम पाने तक की कहानी किसी फिल्म से कम नहीं हैं।

सोशल मीडिया के दौर में फेम पाना बेहद आम हो गया है। लेकिन असली सफलता के मायने क्या होते हैं ये फिल्म लेखिका शागुफ्ता रफीक की जिंदगी को देखकर पता लगाए जा सकते हैं। लेखिका का बचपन काफी गरीबी में बीता है। वक्त की मार ने उन्हें देह व्यापार में धकेला दिया था। बार डांसर बनकर उन्होंने गुजारा किया। लेकिन बचपन से कहानी कहने का अपना शौक मरने नहीं दिया। उनका ये हुनक उन्हें मायानगरी तक खींच लाया। जहां उन्होंने सुपरहिट फिल्मों की कहानियां लिखीं और इमरान हाशमी और आदित्य रॉय कपूर को सुपरस्टार बना दिया।

शागुफ्ता रफीक ने 'वो लम्हे', 'मर्डर 2', 'जन्नत 2', 'आशिकी 2', 'जिस्म 2' और 'राज 3 डी' जैसी फिल्मों की कहानी लिखी है। अगर वे फिल्मों के लिए शानदार कहानियां लिख पाईं, तो उसके पीछे जिंदगी का उनका लंबा संघर्ष और अनुभव था। शागुफ्ता को एक महिला ने गोद लिया था, जिसका कनेक्श कलकत्ता के अमीर बिजनेसमैन से था. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक बिजनेसमैन की मौत के बाद शागुफ्ता सहित उनका दूसरा परिवार काफी गरीब हो गया था।

शागुफ्ता 11 साल की हुईं, तो उन्होंने मां की मदद करने के लिए प्राइवेट पार्टियों में डांस कर पैसे कमाए। उन्हें एक रात के 700 से 800 रुपये मिल जाते थे। शागुफ्ता रफीक ने एक चैनल से बातचीत में पुराने दिनों को याद कर कहा था कि 'बहुत पहले ही एहसास हो गया था कि महिलाएं कितनी असुरक्षित होती हैं। पैसा ही तय करता है कि किसका सम्मान होगा...किसका नहीं।

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