बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन ने क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर के साथ बचपन का खेल 'फिंगर क्रिकेट' खेलकर फैंस का दिल जीत लिया। इंडियन स्ट्रीट प्रीमियर लीग (ISPL) के दौरान दोनों दिग्गजों का यह प्यारा पल कैमरे में कैद हो गया, जो सोशल मीडिया पर तहलका मचा रहा है। बिग बी ने खुद वीडियो शेयर कर लिखा, "क्रिकेट के भगवान के साथ फिंगर क्रिकेट खेलते हुए।" वीडियो में उनकी बच्चे जैसी उत्साह और थोड़ी उदासी भरी मुस्कान देखकर कोई भी मुस्कुरा उठे।
वीडियो में अमिताभ और सचिन उंगलियों से बने बल्ले-गेंद से जोरदार मुकाबला लड़ते दिख रहे हैं। बिग बी आउट होने पर कुछ सेकंड के लिए मायूस हो जाते हैं, फिर तुरंत हंसते हुए वापसी करते हैं। सचिन की शांत मुस्कान और बिग बी की एनर्जी का कमाल ऐसा कि दोनों की केमिस्ट्री किसी फिल्मी सीन से कम नहीं लगती। ISPL में सचिन लीग की कोर कमेटी में हैं, जबकि अमिताभ की टीम मांझी मुंबई है। यह वीडियो साबित करता है कि उम्र सिर्फ संख्या है, खेल का जुनून कभी कम नहीं होता। मैच टाई पर खत्म हुआ, लेकिन फैंस की खुशी में कोई कमी नहीं हुई।
अमिताभ बच्चन ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर यह वीडियो शेयर किया जिसमें वह और सचिन तेंदुलकर टेबल पर बैठकर फिंगर क्रिकेट खेलते दिख रहे हैं। वीडियो में दोनों बेहद मजेदार अंदाज में खेल का आनंद लेते हैं। अमिताभ बच्चन ने इसे शेयर करते हुए लिखा कि यह खेल बचपन की यादों को ताज़ा कर देता है।
फैंस ने कमेंट्स की बाढ़ ला दी। एक ने लिखा, "दो लेजेंड्स और एक सदाबहार खेल! सर, इसे देखकर बचपन याद आ गया।" दूसरे ने कहा, "अमिताभ बनाम सचिन - फिंगर वर्ल्ड कप!" तो किसी ने लिखा, "एक फ्रेम में दो GOATs!" यह वीडियो नेटिजंस के लिए परफेक्ट एंटरटेनमेंट बन गया। ऋतिक रोशन, अक्षय कुमार, सैफ अली खान जैसे सितारे भी ISPL टीमों के मालिक हैं, लेकिन यह पल सबसे स्पेशल रहा।
अमिताभ का क्रिकेट प्रेम जगजाहिर है। वे टीम इंडिया के जुनूनी फैन हैं और मैच के दौरान अंधविश्वास भी करते हैं। सचिन से यह दोस्ताना भिड़ंत उनके खेल प्रेम को नया आयाम देती है। फैंस अब असली मैच की डिमांड कर रहे हैं।
अमिताभ बच्चन और सचिन तेंदुलकर दोनों ही अपने-अपने क्षेत्र के महानायक हैं। एक तरफ बिग बी ने दशकों तक बॉलीवुड पर राज किया है, वहीं दूसरी तरफ सचिन ने क्रिकेट को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। दोनों को एक साथ इस तरह के हल्के-फुल्के खेल में देखना फैंस के लिए किसी ट्रीट से कम नहीं था। यह वीडियो सिर्फ एक खेल नहीं बल्कि भावनाओं का संगम है। यह दिखाता है कि चाहे इंसान कितना भी बड़ा क्यों न हो जाए, बचपन की मासूमियत और खेलों की यादें हमेशा दिल में जिंदा रहती हैं।