Daldal: प्राइम वीडियो ने आज अपनी हिंदी क्राइम थ्रिलर सीरीज़ 'दलदल' की दुनिया भर में प्रीमियर की तारीख का ऐलान कर दिया है। मेकर्स ने एक ज़बरदस्त, खौफनाक टीज़र भी जारी किया। विष धमिजा की बेस्टसेलिंग किताब भेंडी बाज़ार पर आधारित दलदल एबंडेंशिया एंटरटेनमेंट का प्रोडक्शन है।
सीरीज को सुरेश त्रिवेणी ने सीरीज़ के लिए तैयार किया है और विक्रम मल्होत्रा तथा सुरेश त्रिवेणी ने इसे प्रोड्यूस किया है। इसका निर्देशन अमृत राज गुप्ता ने किया है और कहानी त्रिवेणी के साथ श्रीकांत अग्निस्वरन, रोहन डिसूजा, प्रिया सग्गी और हुसैन हैदरी ने लिखी है। मुंबई की पृष्ठभूमि पर आधारित, यह सीरीज़ मुंबई क्राइम ब्रांच की नवनियुक्त डीसीपी रीता फरेरा की कहानी है, जिसका किरदार भूमि सतीश पेडनेकर ने निभाया है। भूमि पेडनेकर के साथ, सीरीज़ में समारा तिजोरी और आदित्य रावल भी मुख्य भूमिकाओं में हैं। दलदल का प्रीमियर 30 जनवरी को प्राइम वीडियो पर होगा।
दलदल की कहानी डीसीपी रीटा फरेरा के इर्द-गिर्द घूमती है। रीटा एक ऐसी पुलिस अधिकारी हैं, जो न्याय के लिए समर्पित हैं, लेकिन अपने अतीत की गलती और अंदर के डर से परेशान भी हैं और वह एक बेरहम कातिल का पीछा करने के एक खौफनाक मिशन में फंस जाती है।
टीज़र दर्शकों को एक ऐसे दुनिया में ले जाता है जहां हिंसा और मानसिक डर सिर्फ़ चौंकाने वाला नहीं है, बल्कि लंबे समय तक असर डालता है। यह डरावना टीज़र बेरहमी से मारे गए पीड़ितों को दिखाता है – उनकी कलाई काट दी जाती हैं; मुंह में कच्चा मांस, मोबाइल फोन और अन्य वस्तुएं ठूंस दी जाती हैं, हर अपराध एक विकृत मानसिकता को उजागर करता है। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ती है, रीटा खुद को केस की बर्बरता और अपने अंदर की उथल-पुथल के बीच फंसी पाती हैं। साथ ही, उन्हें पुलिस बल के भीतर मौजूद पक्षपात का भी सामना करना पड़ता है। टीज़र की बर्बरता के चित्रण से साफ़ है कि यह सीरीज़ कमज़ोर दिल वालों के लिए नहीं है।
निखिल मधोक, डायरेक्टर और हेड ऑफ़ ओरिजिनल्स, प्राइम वीडियो इंडिया ने कहा- क्राइम थ्रिलर हमेशा दिलचस्प होते हैं क्योंकि ये हमें रोमांचक सस्पेंस के साथ गहरी, किरदार-केंद्रित कहानी के साथ जोड़ने का मौका देते हैं। लेकिन ‘दलदल’ के साथ हमारा मकसद इस शैली की सीमाओं को और आगे बढ़ाना है,” । “दलदल आपका सामान्य साइकोलॉजिकल क्राइम थ्रिलर नहीं है।
विक्रम मल्होत्रा, एबंडेंशिया एंटरटेनमेंट के संस्थापक और सीईओ और दलदल के निर्माता ने कहा- अबुंदंतिया में हमने हमेशा ऐसी कहानियां पेश करने की कोशिश की है जो दर्शकों को झकझोरें, सवाल उठाएं और स्क्रीन से हटने के बाद भी लंबे समय तक याद रहें, और ‘दलदल’ इसका एक सशक्त उदाहरण है,”।
दलदल के क्रिएटर और प्रोड्यूसर सुरेश त्रिवेणी ने कहा- दलदल में मुझे सबसे ज़्यादा आकर्षित करने वाली बात यह लगी थी कि यह सिर्फ़ हिंसा की घटना नहीं दिखाती, बल्कि उसके पीछे छिपी नैतिकता और अक्सर अनदेखी रह जाने वाली भावनात्मक और मानसिक वजहों की पड़ताल करती है।