टीवी स्टार करण टैकर ने इंडस्ट्री के काले सच पर बोलते हुए कहा कि बॉलीवुड में 'लुक्स बायस' एक बड़ी समस्या है। 'खाकी: द बिहार चैप्टर' जैसी सीरीज से पहचान बनाने के बावजूद वे महसूस करते हैं कि उनका चेहरा ही उनकी सबसे बड़ी बाधा बन गया। यह बेबाक बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
'लुक्स' ने बंद कर दिए दरवाजे
करण ने बताया कि टीवी शोज जैसे 'लव ने मिला दी जोड़ी' और 'एक हजारों में मेरी बहना है' से फेम हासिल करने के बाद भी बड़े रोल्स गायब हैं। "लोग मुझे सिर्फ हॉट और हैंडसम ही समझते हैं, गहराई वाले किरदार नहीं देते। इंडस्ट्री मुझे अलग नजरिए से देखती है।" पंजाबी बैकग्राउंड होने के बावजूद वे खुद को 'सिंथेटिक पंजाबी' कहते हैं, क्योंकि मुंबई में पले-बढ़े। 'रब ने बना दी जोड़ी' से डेब्यू के बाद झलक दिखला जा, स्पेशल ऑप्स तक सफर लंबा रहा, लेकिन स्टारडम नहीं मिला।
कास्टिंग काउच का पुराना घाव
करन का मानना है कि बदलाव “ग्राउंड लेवल” से शुरू होना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज दर्शक बार-बार वही पांच चेहरे फिल्मों, OTT और ब्रांड्स में देख रहे हैं। इससे नई प्रतिभाओं को मौका नहीं मिल पाता। उन्होंने मीडिया से भी अपील की कि नए कलाकारों को व्यापक समर्थन दिया जाए ताकि इंडस्ट्री में ताजगी और विविधता आ सके।
'खाकी' ने एक्टर को बदला और अब वे चुनिंदा प्रोजेक्ट्स ले रहे। "हर रोल पिछले से बेहतर हो, यही असली संघर्ष है। स्टारडम अब सोशल मीडिया और ऐड्स पर निर्भर है।" फैंस उनका साथ दे रहे, कमेंट्स में हौसला बढ़ा रहे। करण का यह खुलासा उन हजारों आर्टिस्ट्स की आवाज बन गया जो लुक्स के चक्कर में संघर्ष करते हैं।