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Cinema Ka Flashback: ग्लैमर की दुनिया से दूर, कहां गुम हो गई 'चंद्रकांता' की राजकुमारी? जानें अब किस हाल में हैं शिखा स्वरूप

Cinema Ka Flashback: 90 के दशक की मशहूर 'राजकुमारी चंद्रकांता' यानी शिखा स्वरूप अब ग्लैमर की दुनिया को छोड़कर फैशन इंडस्ट्री में बतौर मॉडल और मेंटर सक्रिय हैं। मिस इंडिया इंटरनेशनल और गोल्ड मेडल विजेता शूटर रह चुकीं शिखा ने फिल्मों में सफलता न मिलने के बाद खुद को लाइमलाइट से दूर कर लिया है।

Shradha Tulsyanअपडेटेड Apr 11, 2026 पर 2:35 PM
Cinema Ka Flashback: ग्लैमर की दुनिया से दूर, कहां गुम हो गई 'चंद्रकांता' की राजकुमारी? जानें अब किस हाल में हैं शिखा स्वरूप

90 के दशक में दूरदर्शन पर प्रसारित होने वाला धारावाहिक 'चंद्रकांता' आज भी लोगों के जेहन में ताजा है। उस दौर में इस शो ने लोकप्रियता के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए थे। शो की कहानी के साथ-साथ जिस चीज ने दर्शकों को सबसे ज्यादा आकर्षित किया, वो थी शो की मुख्य अभिनेत्री शिखा स्वरूप। अपनी सादगी और खूबसूरती से 'राजकुमारी चंद्रकांता' के किरदार को जीवंत करने वाली शिखा रातों-रात नेशनल क्रश बन गई थीं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि करोड़ों दिलों पर राज करने वाली यह अभिनेत्री आज कहाँ है और क्या कर रही है?

मिस इंडिया से लेकर शूटिंग चैंपियन तक का सफर

शिखा स्वरूप का व्यक्तित्व केवल अभिनय तक सीमित नहीं था। अक्टूबर में जन्मी शिखा बहुमुखी प्रतिभा की धनी रही हैं। अभिनय की दुनिया में कदम रखने से पहले ही उन्होंने अपनी पहचान बना ली थी। साल 1988 में उन्होंने मिस इंडिया इंटरनेशनल का खिताब अपने नाम किया था। हैरानी की बात यह है कि उसी साल उन्होंने ऑल इंडिया पिस्टल शूटिंग चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतकर यह साबित कर दिया था कि वे जितनी खूबसूरत हैं, उतनी ही अनुशासित और लक्ष्य के प्रति समर्पित भी।

स्टारडम और बॉलीवुड का सफर

शिखा स्वरूप अपने समय की एक जानी-मानी सुपरमॉडल थीं। उन्होंने देश-विदेश में 400 से अधिक रैंप शो किए। उनके अभिनय करियर की शुरुआत 1990 में 'आवाज दे कहाँ है' से हुई, लेकिन असली पहचान उन्हें 1994 में शुरू हुए धारावाहिक 'चंद्रकांता' से मिली। इस शो ने उन्हें घर-घर में मशहूर कर दिया। इसके बाद उन्होंने बॉलीवुड का रुख किया और तहलका, पुलिस पब्लिक, और प्यार हुआ चोरी चोरी जैसी लगभग 11 फिल्मों में काम किया। इनमें से अधिकांश फिल्मों में वे मुख्य भूमिका में थीं, लेकिन विडंबना यह रही कि जो जादू उन्होंने छोटे पर्दे पर बिखेरा था, वह बड़े पर्दे पर काम न आया।

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