Cinema Ka Flashback: 1982 में, बी.आर. चोपड़ा द्वारा निर्देशित एक फिल्म रिलीज़ हुई थी। इस फिल्म में पाकिस्तान की अभिनेत्री-गायिका सलमा आगा, राज बब्बर और दीपक पाराशर ने अभिनय किया था। फिल्म रिलीज़ से पहले ही सुर्खियों में आ गई और बाद में 34 से अधिक मुकदमों में उलझ गई। फिल्म में तीन तलाक जैसे संवेदनशील मुद्दे को उठाया गया था। टाइटल और कहानी को लेकर कई मुकदमों के बावजूद, फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त सफलता हासिल की थी।
1982 में बीआर चोपड़ा ने एक संवेदनशील विषय को पर्दे पर उतारा और इसका श्रेय लेखिका अचला नागर को जाता है, जिनकी शॉर्ट स्टोरी मशहूर महिला पत्रिका 'माधुरी' में "तोहफा" शीर्षक से प्रकाशित हुई थी। खबरों के अनुसार, अचला इस कहानी के साथ 'इंसाफ का तराजू' के सेट पर पहुंचीं थी। उन्होंने बीआर चोपड़ा को अपनी कहानी सुनाई। फिल्म निर्माता को कहानी पसंद आई और उन्होंने इसे 'तलाक, तलाक, तलाक' टाइटल से फिल्म बनाने का फैसला किया। हालांकि, फिल्म निर्माता इस टाइटल से फिल्म नहीं बना सके और उन्हें इसका नाम बदलकर 'निकाह' करना पड़ा था।
दिग्गज लेखक अमृतलाल नागर की बेटी अचला को "तोहफ़ा" लिखने की प्रेरणा संजय खान और ज़ीनत अमान के तलाक की खबर पढ़ने के बाद मिली। एक पत्रिका में दोनों की तलात की खबर पढ़ी, जिसमें 'हलाला' शब्द का ज़िक्र था। रेडियो प्रजेंटर अचला को यह शब्द समझ नहीं आया, इसलिए उन्होंने अपने पिता के एक करीबी दोस्त से इसका अर्थ पूछा। जब उन्हें इसका अर्थ पता चला, तो वे फूट-फूटकर रोईं और यहीं से उनकी कहानी "तोहफ़ा" का जन्म हुआ।
खबरों के मुताबिक, 'निकाह' के खिलाफ 34 से ज़्यादा मामले दर्ज किए गए थे। फिल्म रिलीज़ होने के महज चार दिन बाद ही मुस्लिम समुदाय के धार्मिक नेताओं ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया था। मामले को सुलझाने के लिए बीआर चोपड़ा ने मुस्लिम विद्वानों के लिए एक विशेष स्क्रीनिंग भी आयोजित की। उन्होंने समझाया कि यह मुद्दा धार्मिक नहीं बल्कि सामाजिक है, और महिलाओं के अधिकारों से जुड़ा है।
बंगाली दैनिक 'ई समय' ने एक छोटा सा लेख प्रकाशित किया गया था, जिसमें बताया गया कि चोपड़ा के सेट पर उनका एक मुस्लिम मित्र आया था। उसने कहा, 'चोपड़ा साहब, एक समस्या है। मैं अपनी पत्नी से फिल्म देखने के लिए नहीं कह पाऊंगा। जब वह पूछेगी कि मैं कौन सी फिल्म देखने के लिए कह रहा हूं, तो उसे दिल का दौरा पड़ जाएगा।
यह बात बीआर चोपड़ा को बहुत बुरी लगी, जिसके बाद उन्होंने फिल्म का नाम बदलकर 'निकाह' कर दिया। 1982 में रिलीज़ हुई यह फिल्म व्यावसायिक रूप से सफल रही, इसने अपने बजट पर 225 फीसद मुनाफा कमाया और उस साल की सबसे ज़्यादा कमाई करने वाली फिल्मों में से एक बन गई।