सिनेमा प्रेमियों के लिए एक शानदार खबर सामने आई है। साल 2009 में हिंदी सिनेमा की परिभाषा बदलने वाली निर्देशक अनुराग कश्यप की कल्ट क्लासिक फिल्म 'देव.डी' एक बार फिर सिनेमाघरों में दस्तक देने के लिए तैयार है। PVR INOX] ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि यह फिल्म 24 अप्रैल को बड़े पर्दे पर फिर से रिलीज की जाएगी।
शरत चंद्र चट्टोपाध्याय के प्रसिद्ध उपन्यास 'देवदास' पर आधारित यह फिल्म अपने समय से काफी आगे मानी जाती थी। जहां पहले दिलीप कुमार और शाहरुख खान जैसे सितारों ने देवदास को एक विदाह और प्रेम में डूबे प्रेमी के रूप में पेश किया था, वहीं अनुराग कश्यप ने इसे आधुनिक पंजाब और दिल्ली की पृष्ठभूमि में एक नया और कच्चा (raw) रूप दिया। फिल्म में अभय देओल, माही गिल और कल्कि कोचलिन ने मुख्य भूमिकाएं निभाई थीं।
PVR INOX की लीड स्ट्रैटेजिस्ट निहारिका बिजली ने बताया कि वे हमेशा ऐसी फिल्मों की तलाश में रहते हैं जिन्होंने सिनेमा के इतिहास में कुछ बड़ा बदलाव किया हो। उन्होंने कहा, "देव.डी एक ऐसी फिल्म है जिसे बड़े पर्दे पर ही महसूस किया जाना चाहिए। इसके लैंडस्केप, संगीत और भावनाएं सिनेमाघर के माहौल में दर्शकों पर गहरा प्रभाव छोड़ती हैं।"
फिल्म के निर्देशक अनुराग कश्यप ने इस मौके पर पुरानी यादें साझा करते हुए कहा कि 'देव.डी' एक प्रयोग था। वे देवदास के चरित्र से उस रूमानियत को हटाना चाहते थे जो दशकों से चली आ रही थी। उन्होंने बताया, "मेरा 'देव' कोई रोमांटिक हीरो नहीं था, वह जिद्दी और कभी-कभी नापसंद किया जाने वाला किरदार था। वहीं पारो और चंदा के किरदार भी आज की मजबूत और स्वाभिमानी महिलाओं का प्रतिनिधित्व करते थे।"
संगीत और किरदारों का जादू
फिल्म की सफलता में अमित त्रिवेदी के संगीत का बहुत बड़ा हाथ था। "इमोशनल अत्याचार" और "परदेसी" जैसे गानों ने उस समय युवाओं के बीच धूम मचा दी थी, जो आज भी उतने ही लोकप्रिय हैं। अभिनेता अभय देओल, जिन्होंने इस फिल्म का विचार सबसे पहले अनुराग को दिया था, ने इसे अपनी एक व्यक्तिगत जीत बताया। उन्होंने साझा किया कि वह 'देवदास' की पितृसत्तात्मक सोच (misogyny) को चुनौती देना चाहते थे और महिलाओं के लचीलेपन को दिखाना चाहते थे।
यह फिल्म 'स्टार स्टूडियो 18' के सहयोग से रिलीज की जा रही है। अगर आपने इस सिनेमाई मास्टरपीस को बड़े पर्दे पर मिस कर दिया था, तो 24 अप्रैल आपके लिए एक बेहतरीन मौका है।