बॉलीवुड के ही-मैन धर्मेंद्र का निधन एक ऐसी दुखद खबर था, जिसने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया। 24 नवंबर 2025 को दुनिया छोड़ने वाले इस दिग्गज अभिनेता को अपनी आखिरी फिल्म 'इक्कीस' पूरी तरह न देख पाने का मलाल हमेशा बना रहेगा। निर्देशक श्रीराम राघवन ने हाल ही में खुलासा किया कि धर्मेंद्र ने अक्टूबर में फिल्म का सिर्फ पहला भाग ही देखा था और दूसरे भाग का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। यह फिल्म, जो 25 दिसंबर को रिलीज होने वाली है, अब उनकी यादों को समेटे एक भावुक सफर बन चुकी है।
श्रीराम राघवन ने इंटरव्यू में भावुक होकर बताया, "मैं उनसे अक्टूबर में मिला था। तब उनकी सेहत ठीक-ठीक चल रही थी, लेकिन पूरी तरह फिट नहीं थे। उन्होंने फिल्म का पहला पार्ट देख लिया और बोले, 'दूसरा कब दिखाओगे?' मैं चाहता था कि वे पूरी 'इक्कीस' देखें, अपनी शानदार एक्टिंग की तारीफ सुनें। लेकिन किस्मत ने साथ न दिया।" यह सुनकर दिल पसीज जाता है। धर्मेंद्र, जो 9 दिसंबर को 90 साल के होने वाले थे, न तो अपना जन्मदिन मना पाए और न ही इस युद्ध-ड्रामा बायोपिक में अपने योगदान का फल देख पाए। राघवन ने जोड़ा कि धर्मेंद्र हमेशा सेट पर पूरी तैयारी के साथ आते थे साथ ही में उर्दू में डायलॉग लिखते, यहां तक कि मुख्य किरदार के संवाद भी सुझाते थे। उनकी यह पुरानी शैली फिल्म को और प्रामाणिक बनाती है।
'इक्कीस' एक सैन्य बायोपिक है, जो 1971 के भारत-पाक युद्ध के नायक, परम वीर चक्र विजेता मेजर रामेश्वर सम मनेकशॉ की कहानी पर आधारित है। धर्मेंद्र इसमें एक महत्वपूर्ण भूमिका में थे, जो उनकी अंतिम परफॉर्मेंस साबित हुई। राघवन ने कहा, "उनकी कमी फिल्म को और इमोशनल बना देगी। दर्शक उनकी आंखों में वो जज्बा देखेंगे, जो बॉलीवुड के गोल्डन टाइम की याद दिलाएगा।" मेकर्स ने पहले ही एक श्रद्धांजलि वीडियो जारी कर दिया है, जिसमें धर्मेंद्र के सीन और उनकी जिंदादिली झलकती है।
धर्मेंद्र का जाना सिर्फ एक अभिनेता का नहीं, बल्कि एक युग का अंत है। 'शोले', 'धर्मवीर' जैसी क्लासिक्स से लाखों दिलों पर राज करने वाले इस हीरो ने अंतिम सांस तक काम किया। 'इक्कीस' की रिलीज सभी के लिए यादगार रहेगी। जहां वे उनके अधूरे सपने को पूरा महसूस करेंगे।