Bollywood Sequels-Franchises: ‘धुरंधर द रिवेंज’, ‘कॉकटेल 2’ लेकर ये सीक्वल बने टॉक ऑफ द टाउन, इन 7 फ्रेंचाइजी का फैंस को इंतजार
Bollywood Sequels-Franchises: बीते कुछ सालों में इंडियन सिनेमा में सीक्वल और फ्रेंचाइजी का क्रेज बढ़ गया है। धुरंधर 2 से लेकर शाहिद कपूर स्टारर ‘कॉकटेल 2’ चर्चा का विषय बनी बनी हुई है। चलिए बताते हैं उन सीक्वल के बारे में जो दर्शकों के बीच इन दिनों सबसे ज्यादा पॉपुलर हैं।
'धुरंधर द रिवेंज' जैसी फिल्में पहले ही साबित कर रही हैं कि बॉक्स ऑफिस पर फ्रेंचाइज़ की पॉपुलैरिटी कितनी जरूरी हो सकती है, वहीं 'बॉर्डर 2' जैसी फिल्में केवल अपनी पुरानी फेम के दम पर रिलीज से पहले ही चर्चा बटोर ली थी।
Bollywood Sequels-Franchises: बॉलीवुड में सीक्वल फिल्मों का चलन अब सोच से ज्यादा आगे निकल चुका है। यह अब इंडस्ट्री का ट्रेंड बन चुका है, जो प्रोफिट भी दे रहा है। ऐसे समय में जब सिनेमाघरों में रिस्क अधिक लगता है और दर्शकों की लॉयलटी हासिल करना मुश्किल होता है, स्टूडियो तेजी से जानी-मानी फिल्मों, पुराने किरदारों की वापसी और पहले से मौजूद पॉपुलैरिटी पर निर्भर हो रहे हैं।
कभी पुरानी फिल्म को दुबारा से बनाना बड़ी बात मानी जाती थी, लेकिन अब वह एक आम बात हो गई है। इसका मतलब यह नहीं है कि हर सीक्वल एक जैसा काम कर रहा है। कुछ को पुरानी यादों को ताजा करने के लिए देखा जा रहा है, कुछ को बॉक्स ऑफिस पर सफलता की उम्मीद के तौर पर, और कुछ को इस बात की परीक्षा के तौर पर कि क्या हिंदी सिनेमा अभी भी अपनी खुद की टिकाऊ फ्रेंचाइजी बना सकता है। यहां उन सीक्वल और फ्रेंचाइजी फिल्मों की सूची दी गई है जो इस चर्चा को आकार दे रही हैं।
कॉकटेल 2
'कॉकटेल 2' हाल ही में आई सबसे दिलचस्प सीक्वल फिल्मों में से एक बनकर उभरी है, क्योंकि ऑरिजनल फिल्म सिर्फ हिट ही नहीं थी। यह 2010 के दशक की शुरुआत की एक खास तरह की अर्बन हिंदी फिल्म की पहचान बन गई थी, जो स्टोरी के साथ-साथ टीन ऐज बोल्ड एनवॉयरमेंट और म्यूजिक से भी भरपूर थी। अब इस सीक्वल में पुरानी यादों के साथ-साथ प्रेशर भी है। असली सवाल यह है कि क्या यह फ्रेंचाइज़ आज के बिल्कुल अलग दर्शक वर्ग में भी पॉपुलर बनी रह पाएगी।
कृष 4
बॉलीवुड की कुछ ही फ्रैंचाइज़ फिल्मों को लेकर इतनी एक्साइठमेंट बनी रहती है, जितनी कि 'कृष 4' को लेकर। ऋतिक रोशन द्वारा निर्देशित यह सुपरहीरो सीरीज़ हिंदी सिनेमा की सबसे पसंद की जाने वाली फ्रैंचाइज़ फिल्मों में से एक है। इसकी वापसी को एक सामान्य सीक्वल से कहीं ज़्यादा एक व्यापक परीक्षा के रूप में देखा जा रहा है। अगर यह सफल होती है, तो यह इस सवाल को फिर से उठा सकती है कि क्या बॉलीवुड अभी भी बड़े पैमाने पर सुपरहीरो कहानियों को प्रभावी ढंग से पेश कर पा रहा है।
दृश्यम 3
अजय देवगन की 'दृश्यम 3' उन चुनिंदा सीक्वल में से एक है, जो मुख्य रूप से कहानी की मांग के चलते बन रही है। दर्शक इस फिल्म के अगले भाग में इसलिए दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं क्योंकि यह फ्रैंचाइज़ी बड़े पैमाने पर सफल है, बल्कि इसलिए कि इसने अपनी मेकिंग, सस्पेंस और क्लाइमेक्स के दम पर दर्शकों का भरोसा जीता है। सीक्वल से भरे बाज़ार में, यही बात इसे अलग बनाती है। यह उन चुनिंदा सीक्वल में से एक है, जिन्हें लोग देखने के बजाय इसके आगे की कहानी जानने के लिए एक्साइटेड हैं।
वेलकम टू द जंगल
'वेलकम' फ्रैंचाइज़ी हमेशा से ही कॉमेडी से लेकर मल्टी स्टारर की पहचान पर आधारित रही है, और "वेलकम टू द जंगल" इस फॉर्मूले को बड़े पैमाने पर आगे बढ़ाती नज़र आ रही है। सिनेमाघरों में ऐसे माहौल में जहां कॉमेडी को लगातार सफल बनाना एक मुश्किल काम होता जा रहा है, इस फिल्म को इस बात की परीक्षा के तौर पर देखा जा रहा है कि क्या पुराने ज़माने की फ्रैंचाइज़ी कॉमेडी आज भी दर्शकों को लुभा पाती है।
धमाल 4
'धमाल 4' इसी तरह की, लेकिन थोड़ी अलग जॉनर में आती है। यह फ्रैंचाइज़ी लंबे समय से अपने दर्शकों का प्यार पाती रही है, और मौजूदा बाज़ार में यह पहले से कहीं अधिक जरूरी है। अगर कुछ है, तो इसको मिलने वाली पॉपुलरिटी इस बात का प्रमाण है कि थिएटिकल कॉमेडी आज भी कितनी हद तक विश्वास और बार-बार देखने पर निर्भर करती है।
मर्दानी 3
'मर्दानी' फ्रैंचाइज़ी हिंदी सिनेमा के सबसे टिकाऊ थ्रिलर ब्रांडों में से एक है, और मर्दानी 3 ने इसे और मजबूत किया। इससे भी खास बात यह है कि रानी मुखर्जी स्टारर यह फिल्म आज भी ऐसे सीक्वल जगत में अपनी अलग पहचान बनाए हुए है, जो अभी भी मुख्य रूप से मेल स्ट्रीम फ्रैंचाइज़ी द्वारा घिरा है। मौजूदा चर्चा में इसकी मौजूदगी अचनाक नहीं हुई है। यह एक ऐसी फ्रैंचाइज़ी का खास उदाहरण है जिसने कई चैप्टर्स में स्पष्टता और दर्शकों की रुचि दोनों को बनाए रखा है।
बॉर्डर 2
'बॉर्डर 2' एक बिल्कुल अलग तरह के थॉट के साथ सिनेमाघरों में वापस आई। एक कल्चरर सीक्वल से कहीं बढ़कर, यह सनी देओल स्टारर हिंदी सिनेमा की सबसे इमोशनल रूप से यादगार वॉर फिल्मों में से एक की विरासत को आगे बढ़ाती है। यही बात इसे एक अलग लेवल पर रखती है। यह सिर्फ पहचान का सहारा नहीं ले रही है। यह एक ही प्रयास में यादों का, देशभक्ति जगाने का है।
धुरंधर: द रिवेंज
'धुरंधर: द रिवेंज' शायद इस समय बॉलीवुड द्वारा फ्रेंचाइज़ विस्तार पर आक्रामक रूप से फोकस करने का सबसे सटीक उदाहरण है। बॉक्स ऑफिस पर धूम मचाने वाली यह फिल्म सीक्वल ब्रांडिंग के महत्व का जीता-जागता उदाहरण बन गई है। इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि इसका परफॉमेंस इस बात का भी खास उदाहरण है कि फिल्मों का चलना न चलना आज भी दर्शकों के ऊपर डिपेंड करता है।
भागम भाग 2
'भागम भाग 2' बॉलीवुड की सबसे मनोरंजक और मजोदार कॉमेडी फिल्मों में से एक की यादों पर बेस्ड एक पुरानी फिल्म के रूप में सामने आई है। ऑरिजनल फिल्म अपनी उलझन और कलाकारों का शानदार काम के कारण सफल रही थी, न कि कहानी के बल पर। यही बात सीक्वल के लिए सबसे बड़ी चुनौती भी बन जाती है। सिनेमाघरों में जहां कॉमेडी फिल्मों का प्रदर्शन लगातार अच्छा नहीं हो पा रहा है, वहां फिल्म को सिर्फ पागलपन दोहराने से काम नहीं चलेगा। इसे फिर से लय पकड़नी होगी, क्योंकि इसके बिना सिर्फ ब्रांड की फेम ही फिल्म को आगे बढ़ाने के लिए काफी नहीं होगी।
ओह माय गॉड 3
'ओह माय गॉड 3' के साथ, इस फ्रेंचाइज़ से एक बिल्कुल अलग तरह की उम्मीदें जुड़ी हैं। पिछली फिल्में न सिर्फ व्यावसायिक रूप से सफल रहीं, बल्कि चर्चा का विषय भी बनीं, जिनमें कॉमेडी और समाज के ऊपर किए गए कमेंट का ऐसा मिक्सचर था जो दर्शकों से जुड़ा। इसलिए, तीसरी किस्त सिर्फ कहानी को आगे बढ़ाने की बात नहीं है, बल्कि पॉपुलैरिटी की भी है।
हेरा फेरी 3
'हेरा फेरी 3' मोस्ट अवेटेड सीक्वल फिल्मों में से एक है, जिसका मुख्य कारण इसकी विरासत है। ऑरिजनल फिल्म ने कल्ट स्टेटस हासिल कर लिया है, जिनके किरदार और डॉयलॉग का क्रेज आज भी लोगों के सिर चढ़कर बोलता है। इस तरह की फेमस फिल्म का एक फायदा भी है और एक चुनौती भी। उम्मीदें बहुत अधिक हैं। फिल्म को जज इस आधार पर किया जाएगा कि क्या वह उस केमिस्ट्री और कॉमेडी को फिर से ला सकती है, जिसने इसे पॉपुलर बनाया है, जो कि ब्रांड को वापस लाने से कहीं अधिक चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है।