हाल ही में सामने आए ट्विशा शर्मा और दीपिका नागर की कथित दहेज हत्या के मामलों ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस दर्दनाक घटना पर अब बॉलीवुड अभिनेत्री दिशा पटानी की बड़ी बहन खुशबू पटानी का गुस्सा फूट पड़ा है। भारतीय सेना की पूर्व मेजर और फिटनेस कोच खुशबू पटानी ने इस संवेदनशील मुद्दे पर बेहद कड़े शब्दों में अपनी राय रखी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक के बाद एक कई कहानियां साझा की हैं, जो अब इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रही हैं।
"क्या शादी वाकई इतनी जरूरी थी?"
खुशबू ने समाज की उस सोच पर सीधा प्रहार किया है जो लड़कियों को बचपन से ही सिर्फ शादी के लिए तैयार करती है। उन्होंने बेहद भावुक और तीखे अंदाज में लिखा, "दहेज की आग में जलती हर बेटी की खबर एक सवाल छोड़ जाती है— क्या सच में शादी इतनी जरूरी थी?" उन्होंने आगे कहा कि हमारा समाज बचपन से ही लड़कियों के दिमाग में यह बात डाल देता है कि एक उम्र के बाद शादी करना ही सबसे महत्वपूर्ण है। समाज कहता है कि 'अकेली लड़की अच्छी नहीं लगती' या 'लोग क्या कहेंगे'। खुशबू ने इस सोच को खारिज करते हुए लिखा कि कोई हमें यह क्यों नहीं सिखाता कि अकेले रहना भी एक कला है और खुद के साथ खुश रहना भी जिंदगी जीने का एक खूबसूरत तरीका है।
माता-पिता की 'एडजस्ट' करने की सलाह पर उठाए सवाल
इस मामले में खुशबू ने केवल प्रताड़ित करने वाले ससुराल वालों को ही दोषी नहीं माना, बल्कि उन माता-पिता की चुप्पी पर भी सवाल उठाए हैं जो अपनी बेटियों को हर हाल में समझौता करने के लिए मजबूर करते हैं। उन्होंने लिखा कि आज जितनी जिम्मेदारी गलत सास-ससुर की होती है, उतनी ही कई बार चुप रहने वाले माता-पिता की भी होती है। अक्सर लड़कियां शादी के बाद अपनी तकलीफें और नाखुशी माता-पिता से बांटती हैं, लेकिन उन्हें यह कहकर चुप करा दिया जाता है कि 'शादी के बाद ऐसी बातें आम हैं' या 'तुम्हें थोड़ा एडजस्ट (समझौता) करना चाहिए'। खुशबू के मुताबिक, यह रवैया लड़कियों को और अधिक खतरनाक हालातों में धकेल देता है।
महिलाओं को सशक्त बनाने और इस कुप्रथा के खिलाफ खड़े होने का आह्वान करते हुए खुशबू ने बेहद कड़ा संदेश दिया। उन्होंने महिलाओं से अपील की कि अगर शादी का आधार सिर्फ दहेज है, तो उसमें जाने से साफ इनकार कर दें और अकेले रहने की हिम्मत जुटाएं। उन्होंने लिखा: "अकेले रहने का दम रखो और अगर शादी सिर्फ दहेज के इर्द-गिर्द घूमती है, तो उसे 'ना' कहना सीखो। कानूनी लड़ाई में अपने अधिकारों को वापस छीनो। हमें मरना नहीं है, बल्कि इस मानसिकता को मारना है!"
उन्होंने दुखी मन से यह भी कहा कि आज के दौर में बेटियों की सिर्फ विदाई नहीं होती, बल्कि धीरे-धीरे उनकी बलि चढ़ा दी जाती है। उन्होंने तंज कसते हुए लिखा कि शायद दहेज कम रह गया होगा, इसलिए हर रोज उनका अपमान किया गया। अपनी इन पोस्ट्स के आखिर में उन्होंने खुद को 'born to be single' (हमेशा सिंगल रहने के लिए बनी) बताते हुए दस्तखत किए।
आपको बता दें कि खुशबू पटानी केवल एक स्टार सिस्टर नहीं हैं। वह भारतीय सेना में एक सम्मानित अधिकारी रह चुकी हैं और मेजर के पद से सेवानिवृत्त हुई हैं। वर्तमान में वह एक फिटनेस कोच और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर के रूप में सक्रिय हैं। वह अक्सर सामाजिक मुद्दों, मानवीय कार्यों और महिला सशक्तिकरण पर बेबाकी से अपनी राय रखने के लिए जानी जाती हैं।