बॉलीवुड के मशहूर डायरेक्टर रोहित शेट्टी ने हाल ही में एक इंटरव्यू में अपनी फिल्मी यात्रा को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि भले ही उन्होंने अब तक 17 सुपरहिट फिल्में दी हैं, लेकिन उन्हें इंडस्ट्री से एक भी बड़ा अवॉर्ड नहीं मिला। यह खुलासा सुनकर फैंस और इंडस्ट्री के लोग हैरान हैं, क्योंकि रोहित शेट्टी का नाम उन फिल्मकारों में आता है जिन्होंने लगातार दर्शकों को एंटरटेन किया है और बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड बनाए हैं।
रोहित शेट्टी की फिल्मों की खासियत रही है उनका मसाला एंटरटेनमेंट, एक्शन, कॉमेडी और फैमिली ड्रामा का परफेक्ट मिश्रण । ‘गोलमाल’ सीरीज, ‘सिंघम’, ‘सिम्बा’ और ‘सूर्यवंशी’ जैसी फिल्मों ने न सिर्फ करोड़ों की कमाई की बल्कि दर्शकों के दिलों में भी जगह बनाई। इसके बावजूद उन्हें अवॉर्ड्स से दूर रखा गया।
उन्होंने कहा, “मैंने कभी अवॉर्ड्स के पीछे नहीं भागा। मेरे लिए दर्शकों का प्यार ही सबसे बड़ा सम्मान है। लेकिन यह सच है कि इतने सालों में एक भी अवॉर्ड न मिलना कभी-कभी सोचने पर मजबूर करता है।” रोहित ने कहा, "फिल्म हिट हो या सुपरहिट, ऑडियंस कभी 4 करोड़ से ज्यादा नहीं पहुंच पाती। लैंग्वेज बैरियर इसका कारण हो सकता है। हमें बॉलीवुड-टॉलीवुड में बांटना बंद कर 'इंडियन सिनेमा' कहना चाहिए।" यह बयान एकता की मांग करता है।
रोहित शेट्टी ने यह भी साझा किया कि उनकी सफलता के पीछे वर्षों की मेहनत और संघर्ष है। उन्होंने बताया कि शुरुआत में उन्हें इंडस्ट्री में जगह बनाने के लिए कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। लेकिन दर्शकों का प्यार हमेशा उनकी ताकत बना। “जब लोग मेरी फिल्म देखकर हंसते हैं, रोते हैं या सीटियों से थिएटर गूंजता है, तो वही मेरे लिए अवॉर्ड है,” उन्होंने भावुक होकर कहा।
रोहित के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई। कई फैंस ने लिखा कि अवॉर्ड्स अक्सर ‘कंटेंट-ड्रिवन’ फिल्मों को दिए जाते हैं, जबकि रोहित की फिल्में ‘मास एंटरटेनमेंट’ के लिए जानी जाती हैं। वहीं कुछ ने कहा कि अवॉर्ड्स की राजनीति और लॉबी सिस्टम की वजह से कई बड़े नामों को नजरअंदाज कर दिया जाता है।