Hanuman Ansh Box Office Collection Day 38: 'हनुमान अंश' बॉक्स ऑफिस पर धूम मचा रही है। नीम करौली बाबा की ज़िंदगी पर बनी यह फिल्म अपने छठे हफ्ते में है, लेकिन दर्शकों का क्रेज़ कम होने का नाम नहीं ले रहा है। फिल्म ने भारत में बॉक्स ऑफिस पर छह हफ्तों के अंदर 200 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया है।
7 अगस्त को रिलीज हुई 'हनुमान अंश' की बॉक्स ऑफिस पर शुरुआत औसत रही थी, लेकिन दूसरे हफ्ते में फिल्म ने रफ्तार पकड़ी। अब छठे वीक में फिल्म ने 200 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया है। 38वें दिन फिल्म ने भारत में 22.50 करोड़ रुपये की नेट कमाई की। फिल्म ने 8,902 शो में कुल मिलाकर 54% ऑक्यूपेंसी दर्ज की। शनिवार को फिल्म ने 18.50 करोड़ रुपये कमाए, वहीं रविवार को ऑक्यूपेंसी में 21.6% की बढ़ोतरी देखी गई।
इस बीच, फिल्म ग्लोबल मार्केट में भी कमाल कर रही है। फिल्म ने 38वें दिन विदेशों में 5 करोड़ रुपये कमाए, जिससे इसकी कुल विदेशी ग्रॉस कमाई 14.50 करोड़ रुपये हो गई। अभी, फिल्म की घरेलू ग्रॉस कमाई 253.55 करोड़ रुपये है, जबकि फिल्म की वर्ल्डवाइड ग्रॉस कमाई 268.05 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। वहीं भारत में फिल्म की नेट कमाई 214.63 करोड़ रुपये है।
'हनुमान अंश' की बॉक्स ऑफिस पर शुरुआत धीमी रही थी। पहले दिन सिर्फ 10 लाख रुपये की कमाई हुई थी। इसके शुरुआती दो हफ्ते भी कुछ खास नहीं रहे, फिल्म ने सिर्फ 1.48 करोड़ रुपये की नेट कमाई की। हालांकि फिल्म की किस्मत तब बदली जब लोगों के बीच इसकी तारीफ होने लगी। 16वें दिन एक बड़ी उछाल आई, जिससे आने वाले हफ्तों में मज़बूत प्रदर्शन की नींव पड़ी।
फिल्म ने तीसरे चौथे और पांचवें हफ्ते में रिकॉर्ड कमाई की। चौथे हफ्ते में 61 करोड़ रुपये और पांचवें हफ्ते में जबरदस्त 90 करोड़ रुपये कमाए। इसकी रफ्तार छठे वीकेंड में भी जारी रही। फिल्म ने शुक्रवार को - जो सिनेमाघरों में इसका 36वां दिन था - 10.50 करोड़ रुपये की नेट कमाई की। इसके साथ ही, भारत में इसकी नेट कमाई बढ़कर 174 करोड़ रुपये हो गई।
'हनुमान अंश' का निर्देशन और निर्माण विशाल चतुर्वेदी ने अपने बैनर, स्वयंभू मीडिया नेटवर्क के तहत किया है। यह फिल्म उनकी किताब 'डिवाइन डिटूर दैट चेंज्ड माई लाइफ' पर आधारित है, जिसमें नीम करौली बाबा के जीवन की कहानी बताई गई है। इसमें शोभिनव सत्या और चंदन आनंद मुख्य भूमिकाओं में हैं। कहानी लक्ष्मी नारायण नाम के एक युवा लड़के की है, जो आजादी से पहले के भारत में रहता था और अपनी मां की मौत के बाद भगवान की खोज में घर छोड़ देता है। उत्तर भारत में उसकी यात्रा आखिरकार उसे नीम करौली बाबा के रूप में बदल देती है।