भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में हमेशा से यह सवाल उठा है कि क्या फिल्मों की कहानियां पूरी तरह से मौलिक होनी चाहिए या फिर दूसरों की कहानियों से प्रेरणा लेना जायज़ है। कई बार बड़े-बड़े फिल्ममेकर अपनी फिल्मों में दूसरों की कहानियों या सीन से आइडियाज लेते हैं, जिसे वे ‘प्रेरणा’ कहते हैं। लेकिन कभी-कभी यह मामला सीमा पार कर जाता है और फिल्म सीधे कॉपी करने का आरोप झेलने लगती है। पहले ये बहस ज्यादा लोगों तक नहीं पहुंच पाती थी, लेकिन आज सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जमाने में कोई भी समानता तुरंत उजागर हो जाती है।
नेटिजन्स किसी भी फिल्म के मिलते-जुलते सीन आसानी से पहचान लेते हैं और वायरल कर देते हैं। यही वजह है कि फिल्मों की मौलिकता पर लगातार सवाल उठते रहते हैं। इसने इंडस्ट्री में पारदर्शिता और आलोचना की एक नई लहर भी पैदा कर दी है, जिससे छोटे और बड़े प्रोजेक्ट्स दोनों पर निगाहें टिकी रहती हैं।
बीते साल ऑस्कर में चर्चा में रही 'लापता लेडीज' के बाद इस बार 'होमबाउंड' को लेकर भी कॉपी-पेस्ट आरोप सामने आए हैं। इस फिल्म को भारत की आधिकारिक ऑस्कर एंट्री चुना गया था, लेकिन नॉमिनेशन तक पहुंचने से पहले ही आलोचना की राह पकड़ ली।
'दिहाड़ी' के मेकर्स का वीडियो वायरल
फिल्म 'दिहाड़ी' की निर्देशक मायुखा पटेल ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया, जिसमें उन्होंने अपनी 2021 की फिल्म और 2025 में रिलीज हुई 'होमबाउंड' के बीच कई सीन की समानता दिखाई। मायुखा ने बताया कि उनकी फिल्म सिर्फ 12 दिनों में तैयार हुई थी, जिसमें मुख्य कलाकार ज्यादातर प्रवासी मजदूर थे। उनका उद्देश्य किसी को बेइज्जत करना नहीं, बल्कि छोटे बजट की फिल्मों के प्रति जागरूकता फैलाना था।
नीरज घायवान की फिल्म 'होमबाउंड' लॉकडाउन के दौरान प्रवासी मजदूरों की मुश्किलों पर आधारित है। दो बचपन के दोस्त उत्तर भारत के गांव से पुलिस बनने का सपना देखते हैं। फिल्म में उनके संघर्ष, सामाजिक सम्मान की चाह और दोस्ती की मजबूती को दिखाया गया है। इशान खट्टर, जाह्नवी कपूर और विशाल जेठवा लीड रोल में हैं, और फिल्म को IMDb पर 7.9 रेटिंग मिली है।
'दिहाड़ी: वॉकिंग बैक टू होम' एक मजदूर की कठिन यात्रा और घर वापसी की प्रेरक कहानी है। लॉकडाउन के दौरान प्रवासी मजदूरों की मुश्किलों और उनके संघर्ष को दर्शाया गया है। IMDb पर फिल्म को 9.2 की शानदार रेटिंग मिली, लेकिन इसके बावजूद अब तक केवल 4 हजार व्यूज ही मिले हैं।
लापता लेडीज पर भी लगे आरोप
पिछले साल ऑस्कर में भारत की एंट्री 'लापता लेडीज' को भी कॉपी का आरोप झेलना पड़ा था। सोशल मीडिया यूजर्स ने इसे अरबी फिल्म 'बुर्का सिटी' से तुलना कर कॉपी-पेस्ट बताया। फिल्म के लेखक बिप्लब गोस्वामी ने इन आरोपों को खारिज किया और अपनी मूल पटकथा के दस्तावेज पेश किए।