मिडिल ईस्ट में वर्तमान में भू-राजनीतिक स्थिति बेहद तनावपूर्ण और अस्थिर हो गई है। 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर संयुक्त रूप से भीषण सैन्य हमले किए, जिससे पूरे क्षेत्र में युद्ध की स्थिति पैदा हो गई। इस हमले के जवाब में ईरान ने भी सख्त रुख अपनाया और इजराइल तथा बहरीन स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। इसके बाद केवल युद्धग्रस्त क्षेत्रों में ही नहीं, बल्कि अबू धाबी, दुबई, कतर और कुवैत जैसे प्रमुख व्यापारिक केंद्रों में भी धमाकों और हमलों की खबरें आईं। इस कारण पूरी दुनिया में आतंक और दहशत का माहौल फैल गया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह संघर्ष जल्द ही एक बड़े वैश्विक संकट का रूप ले सकता है। वहीं भारत समेत अन्य देशों के नागरिक और जानकार इस घटना पर लगातार प्रतिक्रिया दे रहे हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी सतर्क हो गया है।
जावेद अख्तर का बेबाक रिएक्शन
भारत के मशहूर गीतकार और स्क्रीनराइटर जावेद अख्तर ने इस बिगड़ती स्थिति पर अपनी राय दी। 2 मार्च को उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की कड़ी आलोचना की। अख्तर ने दोनों नेताओं की कार्यशैली को ‘बुलीज’ से तुलना करते हुए कहा कि उनके आक्रामक रवैये से वैश्विक राजनीति में खतरा बढ़ रहा है। उन्होंने चेताया कि अगर यह रवैया जारी रहा तो चीन समेत अन्य वैश्विक शक्तियों की विश्वसनीयता प्रभावित होगी।
इस भीषण संघर्ष की जड़ें हाल ही में हुए एक बड़े सैन्य ऑपरेशन से जुड़ी हैं। ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद ईरान ने बहरीन, कतर, कुवैत और यूएई स्थित अमेरिकी ठिकानों पर हमला किया। इन हमलों में अब तक 201 लोग मारे गए और 700 से अधिक घायल हुए हैं। मिनाब में अमेरिकी-इजराइली हमले में एक गर्ल्स स्कूल भी निशाना बना, जिसमें लगभग 115 बच्चों की मौत हुई।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी जारी करते हुए कहा कि ईरान की किसी भी आक्रामकता पर अमेरिका ऐसी ताकत का इस्तेमाल करेगा, जिसे दुनिया ने पहले नहीं देखा। इसके बावजूद जमीनी हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के मुताबिक, कुवैत में अमेरिकी नेवल बेस पर चार बैलिस्टिक मिसाइलों और बारह ड्रोनों से हमला हुआ, जिससे बुनियादी ढांचा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
यह संघर्ष अब एक पूर्ण वैश्विक युद्ध की तरफ बढ़ता प्रतीत हो रहा है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस खतरनाक स्थिति को लेकर गहरी चिंता में है, क्योंकि कोई भी गलती पूरी दुनिया के लिए गंभीर परिणाम ला सकती है।