वैश्विक राजनीति और युद्ध के माहौल में हास्य और जिम्मेदारी के बीच की लकीर अक्सर धुंधली हो जाती है। हाल ही में दिग्गज अभिनेता बोमन ईरानी ने नवनिर्वाचित अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के बीच संभावित शांति वार्ता को लेकर एक व्यंग्यात्मक वीडियो साझा किया। जहां कई लोगों ने इसे मनोरंजन के तौर पर देखा, वहीं 'बिग बॉस' फेम मंदना करीमी ने इसे बेहद संवेदनहीन करार देते हुए बोमन को उनके इतिहास और जिम्मेदारी की याद दिलाई है।
क्या था बोमन ईरानी का वह वीडियो?
बोमन ईरानी ने अपने इंस्टाग्राम पर एक मजाकिया वीडियो पोस्ट किया था, जिसमें उन्होंने उन खबरों का जिक्र किया कि डोनाल्ड ट्रंप ईरानियों से बात करना चाहते हैं। बोमन ईरानी ने चुटकी लेते हुए कहा कि ट्रंप शायद तीन प्रसिद्ध 'ईरानियों' अरुणा ईरानी, स्मृति ईरानी और खुद उनसे (बोमन ईरानी) बात करना चाहते हैं।
मंदाना करीमी का तीखा पलटवार
ईरानी मूल की अभिनेत्री मंदना करीमी इस मजाक को सहन नहीं कर पाईं। उन्होंने बोमन की पोस्ट के कमेंट सेक्शन में एक लंबा और भावुक नोट लिखा। मंदना ने सवाल किया कि जब सालों से ईरान में लोग मारे जा रहे थे और गिरफ्तार किए जा रहे थे, तब बोमन की आवाज क्यों नहीं निकली?
मंदाना ने लिखा, "बोमन ईरानी सर... अचानक आपके पास ईरान के बारे में कहने के लिए बहुत कुछ है। दिलचस्प समय है। सालों से ईरानियों को चुप कराया गया, उन्हें फांसी दी गई। हजारों मारे गए और परिवार उजड़ गए। मैंने और मेरे जैसे लोगों ने इसे सहा है। लेकिन अब... एक वीडियो आता है। अब चिंता है। अब गैस और ट्रंप को लेकर हास्य है।"
उन्होंने आगे पारसी समुदाय के इतिहास का जिक्र करते हुए कहा, "सर, सम्मान के साथ कहूं तो आप और पारसी समुदाय ईरान से आते हैं। आप उस इतिहास और उस आग को ढोते हैं। तो जब ईरानी मर रहे थे, तब यह आवाज कहां थी? और अब अचानक क्योंकि यह राजनीति और वैश्विक बातचीत को प्रभावित कर रहा है, तो कमेंट्री शुरू हो गई? मौन से व्यंग्य तक का सफर बहुत तेज था।"
इस विवाद ने सोशल मीडिया पर एक नई बहस छेड़ दी है। एक तरफ वो लोग हैं जो बोमन के वीडियो को केवल एक हल्के-फुल्के मजाक (Satire) के रूप में देख रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ मंदना के समर्थक हैं जिनका मानना है कि युद्ध और मानवीय संकट जैसे गंभीर मुद्दों पर सेलिब्रिटीज को अधिक जिम्मेदार होना चाहिए।