फिल्म-ओ रोमियो

फिल्म-ओ रोमियो
रेटिंग- 3.5/5
निर्देशक-विशाल भारद्वाज
कलाकार-शाहिद कपूर, तृप्ति डिमरी, अविनाश तिवारी, नाना पाटेकर, दिशा पाटनी, फरीदा जलाल, तमन्ना भाटिया और विक्रांत मैसी (स्पेशल अपीरियंस)
O'Romeo Review: अगर आप इस हफ्ते थिएटर जाने का प्लान बना रहे हैं और सोच रहे हैं कि O Romeo देखनी चाहिए या नहीं, तो इस रिव्यू को आखिर तक जरूर पढ़िए, क्योंकि यह फिल्म सिर्फ एक क्राइम-ड्रामा नहीं है, बल्कि इमोशन, रोमांस, एक्शन और पावरफुल परफॉर्मेंस का पूरा पैकेज है।
सबसे पहले कहानी की बात करें तो फिल्म की कहानी घूमती है उस्तारा यानी शाहिद कपूर के किरदार के इर्द-गिर्द, जो अंडरवर्ल्ड की दुनिया का बेहद खतरनाक और अनप्रेडिक्टेबल गैंगस्टर है। उसकी जिंदगी में तब बड़ा मोड़ आता है जब उसकी मुलाकात अफशान यानी तृप्ति डिमरी से होती है। शुरुआत में यह रिश्ता एक जरूरत से शुरू होता है, लेकिन धीरे-धीरे यह एक जुनूनी और दर्दभरी प्रेम कहानी में बदल जाता है। दूसरी तरफ गैंग-वार, सत्ता की राजनीति और दुश्मनी उनकी जिंदगी को और ज्यादा मुश्किल बना देती है। फिल्म लगातार आपको यह सोचने पर मजबूर करती है कि आखिर जीत किसकी होगी-प्यार की या अंडरवर्ल्ड की।
अब बात करते हैं फिल्म की सबसे बड़ी ताकत-परफॉर्मेंस। शाहिद कपूर ने उस्तारा के किरदार में जबरदस्त इंटेंसिटी दिखाई है। कई सीन्स ऐसे हैं जहां उनकी आंखों का एक्सप्रेशन ही पूरा सीन उठा लेता है। यह उनके करियर के सबसे दमदार परफॉर्मेंस में से एक कहा जा सकता है। तृप्ति डिमरी भी अफशान के किरदार में बेहद इमोशनल और प्रभावशाली लगी हैं। उनकी और शाहिद की केमिस्ट्री फिल्म का इमोशनल एंकर बन जाती है।
विलेन के रोल में अविनाश तिवारी का काम शानदार है-कंट्रोल्ड, खतरनाक और बेहद प्रभावी। नाना पाटेकर अपने हर सीन में वही पुराना करिश्मा लेकर आते हैं और स्क्रीन पर आते ही ध्यान खींच लेते हैं। दिशा पटानी के साथ फिल्माए गए गाने विजुअली काफी स्टाइलिश हैं, जबकि विक्रांत मैसी और तमन्ना भाटिया भले कम स्क्रीन टाइम में दिखते हैं, लेकिन याद जरूर रह जाते हैं। फरीदा जलाल और अरुणा ईरानी फिल्म में इमोशनल टच जोड़ते हैं।
डायरेक्शन की बात करें तो विशाल भारद्वाज ने एक बार फिर साबित कर दिया कि इंटेंस और लेयर्ड कहानियां कैसे बनाई जाती हैं। फिल्म का ट्रीटमेंट क्लासी भी है और मास अपील भी रखता है, जो इसे बड़े दर्शक वर्ग के लिए एंटरटेनिंग बनाता है। डायलॉग्स शार्प हैं और कई लाइन्स ऐसी हैं जो थिएटर में सीटियां बजवा सकती हैं।
म्यूजिक और बैकग्राउंड स्कोर फिल्म का बड़ा प्लस पॉइंट है। Hum Toh Tere Hi Liye दिल को छूता है, वहीं Aashiqon Ki Colony और Paan Ki Dukaan फिल्म की एनर्जी बढ़ाते हैं। एक्शन सीक्वेंस भी स्टाइलिश और बड़े पैमाने पर शूट किए गए हैं, जो थिएटर एक्सपीरियंस को और मजेदार बना देते हैं।
विजुअली फिल्म काफी रिच लगती है-पुराने शहर का सेटअप, 90s जैसा कलर टोन और कॉस्ट्यूम डिजाइन फिल्म की दुनिया को रियल महसूस कराते हैं। एडिटिंग भी टाइट है, जिससे करीब तीन घंटे लंबी फिल्म होने के बावजूद कहानी ज्यादा भारी नहीं लगती।
कुल मिलाकर, अगर आपको इंटेंस लव स्टोरी, दमदार एक्शन और पावरफुल एक्टिंग वाली फिल्में पसंद हैं, तो O Romeo आपके लिए परफेक्ट थिएटर वॉच है। यह फिल्म एंटरटेन भी करती है और इमोशनली कनेक्ट भी करती है-और यही इसकी सबसे बड़ी जीत है।
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