प्रियंका चोपड़ा ने भारत में डायबिटीज के बढ़ते मामलों पर खुलकर बात की है। उन्होंने लोगों से अपील की कि इस बीमारी के निदान से घबराएं नहीं, बल्कि इसे स्वीकार कर मजबूती से सामना करें। निक जोनास के साथ मिलकर शुरू की गई 'बीयॉन्ड टाइप 1' पहल के जरिए वे टाइप 1 डायबिटीज के कलंक को मिटाने और जागरूकता फैलाने में जुटे हैं।
प्रियंका ने बताया कि उनकी डायबिटीज की समझ पति निक से शुरू हुई, जो 13 साल की उम्र में टाइप 1 डायबिटीज से जूझे। 20 साल बाद भी निक का जुनून संगीत से लेकर परिवार तक साबित करता है कि ये बीमारी सीमाएं नहीं लगाती। उन्होंने इंस्टाग्राम पर वीडियो शेयर कर कहा, "निक ने बीयॉन्ड टाइप 1 बनाया ताकि मरीजों को जानकारी, सपोर्ट और सम्मान मिले।" भारत जैसे देश में जहां युवाओं में टाइप 1 के केस सबसे ज्यादा हैं, ये संदेश उम्मीद जगाता है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, भारत में 18 साल से ऊपर 7.7 करोड़ लोग डायबिटीज से पीड़ित हैं। युवाओं में टाइप 1 के मामले तो सबसे अधिक हैं, लेकिन देरी से डायग्नोसिस और सामाजिक कलंक के कारण कई अकेले जूझते हैं। प्रियंका-निक की मुहिम इन्हीं योद्धाओं की कहानियां उजागर कर रही है जैसे लेफ्टिनेंट कर्नल कुमार गौरव, 13 साल की कराटे चैंपियन मेहरिन राणा, पेस्ट्री शेफ निशांत अमीन, डिजाइनर श्रेया जैन, डांसर इंदु थम्पी और मैराथन रनर हरिचंद्रन पोनुसामी।
पहल का लक्ष्य प्लेटफॉर्म्स, संसाधन, ग्रांट्स के जरिए ग्लोबल कम्युनिटी बनाना है। प्रियंका बोलीं, "डायबिटीज आपको सीमित नहीं कर सकती, अगर सही टूल्स और सपोर्ट हो।" निक ने कहा, "भारत से गहरा लगाव है, यहां जागरूकता कम और कलंक ज्यादा है—इसलिए हम यहां हैं।" ये कैंपेन ग्रासरूट संगठनों को मजबूत करेगी, ताकि मरीज रिकवरी की राह पकड़ सकें।
ग्लोबल स्टार्स का देसी योगदान
बॉलीवुड से हॉलीवुड तक चमकने वाली प्रियंका का ये कदम मां के तौर पर भी इंस्पायरिंग है। निक का पर्सनल एक्सपीरियंस जोड़कर ये मुहिम रियल बन गई। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही ये पहल साबित कर रही है कि स्टार्स का प्रभाव समाज बदल सकता है।
करियर की बात करें तो प्रियंका जल्द ही ‘Citadel’ सीजन 2 में नजर आएंगी। इसके अलावा वे भारतीय सिनेमा में भी वापसी कर रही हैं एस.एस. राजामौली की फिल्म ‘Varanasi’ से, जिसमें उनके साथ महेश बाबू और पृथ्वीराज सुकुमारन होंगे। यह फिल्म अप्रैल 2027 में रिलीज़ होगी और इसे भारतीय सिनेमा का वैश्विक स्तर पर नया अध्याय माना जा रहा है।
प्रियंका चोपड़ा का यह कदम दिखाता है कि वे सिर्फ एक स्टार नहीं बल्कि एक ग्लोबल चेंजमेकर भी हैं। भारत में डायबिटीज से जुड़ी शर्म और डर को खत्म करने का उनका प्रयास लाखों लोगों की जिंदगी बदल सकता है। उनका संदेश साफ है बीमारी से डरिए मत, जागरूक बनिए और समय पर जांच कराइए।