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Priyanka Chopra ने भारत में डायबिटीज जागरूकता पर दिया जोर, बोलीं- “डायबिटीज से मत डरिए"

Priyanka Chopra: बॉलीवुड और हॉलीवुड स्टार प्रियंका चोपड़ा ने भारत में डायबिटीज जागरूकता को लेकर बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने कहा कि लोगों को इस बीमारी के निदान से डरना नहीं चाहिए, बल्कि सही समय पर जांच और इलाज से इसे संभाला जा सकता है।

Shradha Tulsyanअपडेटेड Mar 18, 2026 पर 10:41 AM
Priyanka Chopra ने भारत में डायबिटीज जागरूकता पर दिया जोर, बोलीं- “डायबिटीज से मत डरिए"

प्रियंका चोपड़ा ने भारत में डायबिटीज के बढ़ते मामलों पर खुलकर बात की है। उन्होंने लोगों से अपील की कि इस बीमारी के निदान से घबराएं नहीं, बल्कि इसे स्वीकार कर मजबूती से सामना करें। निक जोनास के साथ मिलकर शुरू की गई 'बीयॉन्ड टाइप 1' पहल के जरिए वे टाइप 1 डायबिटीज के कलंक को मिटाने और जागरूकता फैलाने में जुटे हैं।

निक की प्रेरणा से शुरुआत

प्रियंका ने बताया कि उनकी डायबिटीज की समझ पति निक से शुरू हुई, जो 13 साल की उम्र में टाइप 1 डायबिटीज से जूझे। 20 साल बाद भी निक का जुनून संगीत से लेकर परिवार तक साबित करता है कि ये बीमारी सीमाएं नहीं लगाती। उन्होंने इंस्टाग्राम पर वीडियो शेयर कर कहा, "निक ने बीयॉन्ड टाइप 1 बनाया ताकि मरीजों को जानकारी, सपोर्ट और सम्मान मिले।" भारत जैसे देश में जहां युवाओं में टाइप 1 के केस सबसे ज्यादा हैं, ये संदेश उम्मीद जगाता है।

भारत में डरावना आंकड़ा

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, भारत में 18 साल से ऊपर 7.7 करोड़ लोग डायबिटीज से पीड़ित हैं। युवाओं में टाइप 1 के मामले तो सबसे अधिक हैं, लेकिन देरी से डायग्नोसिस और सामाजिक कलंक के कारण कई अकेले जूझते हैं। प्रियंका-निक की मुहिम इन्हीं योद्धाओं की कहानियां उजागर कर रही है जैसे लेफ्टिनेंट कर्नल कुमार गौरव, 13 साल की कराटे चैंपियन मेहरिन राणा, पेस्ट्री शेफ निशांत अमीन, डिजाइनर श्रेया जैन, डांसर इंदु थम्पी और मैराथन रनर हरिचंद्रन पोनुसामी।

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