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1.5 लाख के मैंगो Pass, 50-60 डॉलर का Mango Box... अमेरिका में लोग कितना खर्च कर खा रहे भारत के ये शानदार आम?

भारत दुनिया के कुल आम उत्पादन का 40% से 50% हिस्सा यानी सालाना 20 मिलियन मीट्रिक टन से ज्यादा पैदा करता है । हालांकि, इस भारी उत्पादन का केवल 1% ही निर्यात किया जाता है, जिससे विदेशों में इसकी कमी इसे एक लक्जरी आइटम बना देती है।

Sujata Yadavअपडेटेड May 06, 2026 पर 5:49 PM
1.5 लाख के मैंगो Pass, 50-60 डॉलर का Mango Box... अमेरिका में लोग कितना खर्च कर खा रहे भारत के ये शानदार आम?
अमेरिका में आम खरीदना एक 'प्रीमियम सब्सक्रिप्शन अनुभव' बन गया है। विक्रेता 'मैंगो पास' ऑफर के तहत आम की खरीद कर रहे है।

फलों का राजा कहे जाने वाला आम गर्मियों की शुरूआत होते ही चर्चा का विषय बन जाता है। आम की डिमांड केवल देश ही नहीं विदेशों में भी देखने को मिल रही है। अमेरिका में इन दिनों भारतीय आमों को लेकर एक अलग ही जुनून देखने को मिल रहा है। इसे महज एक फल नहीं, बल्कि एक 'सांस्कृतिक कार्यक्रम' और 'लक्जरी ऑब्सेशन' के रूप में देखा जा रहा है। यहीं वजह है कि भारत से आम का निर्यात बड़े स्तर पर किया जाता है।

अमेरिका में भारतीय आमों का सीजन शुरू होते ही लोग फ्लाइट्स ट्रैक करने लगते हैं और डिलीवरी अपडेट्स के लिए व्हाट्सएप ग्रुप्स पर सक्रिय हो जाते हैं। लोग वेयरहाउस पार्किंग लॉट्स तक दौड़ रहे हैं ताकि उन्हें अपना 'एडिबल येलो गोल्ड' (खाद्य पीला सोना) मिल सके।

भारतीय मूल के लोगों के बीच मजबूत मांग और पहले से बने हुए व्यापारिक संबंधों के कारण वहां भारतीय आमों की मांग काफी हाई है। भारतीय आमों का सीजन मार्च के अंत से शुरू होकर जुलाई तक चलता है। मांग इतनी अधिक है कि भारत से पहली खेप निकलने से पहले ही प्री-ऑर्डर्स बुक हो जाते हैं।

बताते चले कि भारत दुनिया के कुल आम उत्पादन का 40% से 50% हिस्सा यानी सालाना 20 मिलियन मीट्रिक टन से ज्यादा पैदा करता है । हालांकि, इस भारी उत्पादन का केवल 1% ही निर्यात किया जाता है, जिससे विदेशों में इसकी कमी इसे एक लक्जरी आइटम बना देती है।

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